बहरीन सरकार ने इराक़ी राजनयिक को बुलाकर कड़ी चेतावनी दी है। इराक़ी इलाके से हो रहे ड्रोन हमलों के कारण बहरीन ने अपनी नाराजगी जताई है। यह मामला अब काफी गंभीर हो गया है क्योंकि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर भी इसी तरह के हमले हुए हैं।

बहरीन ने इराक़ी राजनयिक को क्यों बुलाया?

13 अप्रैल 2026 को बहरीन ने मनामा में इराक़ी चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया। सरकार ने इराक़ी क्षेत्र से होने वाले ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की। बहरीन ने इराक़ से मांग की है कि वह इन खतरों को रोकने के लिए तुरंत और जिम्मेदारी से कदम उठाए। बहरीन ने अपनी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा है।

अन्य खाड़ी देशों का क्या कहना है?

सिर्फ बहरीन ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब ने भी 12 अप्रैल को इराक़ी राजदूत को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। मार्च के अंत में बहरीन, यूएई, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और जॉर्डन ने एक साझा बयान जारी किया था। इन देशों ने कहा कि इराक़ी धरती से होने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। 11 अप्रैल को इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को भी एक पत्र भेजा था।

हमलों और कूटनीतिक घटनाओं की लिस्ट

तारीख घटना
मार्च 2026 (अंत) 6 अरब देशों ने साझा बयान जारी किया
11 अप्रैल 2026 UN को संयुक्त पत्र भेजा गया
12 अप्रैल 2026 सऊदी अरब ने इराक़ी राजदूत को बुलाया
13 अप्रैल 2026 बहरीन ने इराक़ी राजनयिक को तलब किया
13 अप्रैल 2026 IRGC ने ड्रोन हमलों का दावा किया
अप्रैल 2026 बहरीन UN सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है