29 जुलाई 2026 को बहरीन ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। इराक की तरफ से ईरान समर्थित आतंकवादियों द्वारा सऊदी अरब के तेल और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद बहरीन ने सऊदी के हर कदम का समर्थन किया है। बहरीन ने सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता ने हमलों को नाकाम किया और सऊदी की सुरक्षा उनके लिए अपनी सुरक्षा जैसी ही है।
हमलों के बाद सऊदी और अमेरिका की कार्रवाई
सऊदी अरब और US Central Command (CENTCOM) ने मिलकर 29 जुलाई 2026 को इराक में ईरान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ सटीक हमले किए। यह कदम पिछले 72 घंटों में हुए 30 से ज्यादा ड्रोन हमलों के जवाब में उठाया गया। इन हमलों का लक्ष्य सऊदी की ऊर्जा परियोजनाओं और अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाना था। सऊदी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सऊदी शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi समेत कुवैत, कतर, मिस्र और जॉर्डन ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और सऊदी के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। इसी दौरान जॉर्डन में भी तनाव देखा गया जहां ईरान की तरफ से मिसाइलें दागी गईं। इराकी गुट Popular Mobilization Forces (PMF) ने दावा किया कि इन जवाबी हमलों में उनके कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 लोग घायल हुए हैं। वहीं ईरान ने सऊदी पर हुए हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार किया है।
