Bahrain ने 29 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि वह Saudi Arabia पर हुए ड्रोन हमलों के खिलाफ पूरी तरह से साथ खड़ा है। इराक की तरफ से ईरान समर्थित मिलिशिया ने सऊदी के पूर्वी प्रांत में तेल सुविधाओं को निशाना बनाया था, जिसे बहरीन ने सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है।
हमलों के खिलाफ सख्त रुख
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के सिद्धांतों का उल्लंघन माना है। बहरीन सरकार ने कहा है कि Saudi Arabia को अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 और GCC संयुक्त रक्षा समझौते के तहत दिया गया है। बहरीन ने सऊदी एयर डिफेंस की तारीफ की है, जिन्होंने इन ड्रोन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया।
GCC और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने भी कहा कि खाड़ी देश सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए एकजुट हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने सऊदी बलों के साथ मिलकर इराक में उन ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं, जो सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अमेरिकी बलों पर हमलों के लिए जिम्मेदार थे। इस पूरे घटनाक्रम को क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए एक जरूरी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
