सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमलों के बाद बहरीन ने सऊदी अरब के प्रति अपना पूरा समर्थन जाहिर किया है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सऊदी अरब को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है और वे इस मामले में सऊदी के साथ खड़े हैं। यह फैसला 29 जुलाई 2026 को लिया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया गया।
📰: Bahrain का Saudi Arabia को समर्थन, ड्रोन हमले के बाद कही सुरक्षा की बात।
हमलों के पीछे ईरान समर्थित गुटों का हाथ
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि सऊदी की सेना ने इराक से छोड़े गए ड्रोन हमलों का जवाब दिया है। ये हमले 27 और 28 जुलाई 2026 को सऊदी के तेल और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे। अमेरिका के CENTCOM ने भी पुष्टि की है कि ये हमले ईरान समर्थित आतंकियों द्वारा किए गए थे, जो पिछले 72 घंटों में 30 से ज्यादा ड्रोन हमले कर चुके हैं।
खाड़ी देशों में चिंता और कड़ी प्रतिक्रिया
GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदाईवी ने इन हमलों को एक खतरनाक कदम बताया है। कुवैत, कतर, मिस्र और यमन ने भी सऊदी के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है। इराक के लोकप्रिय मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने बताया कि इन जवाबी हमलों में उनके 20 सदस्य मारे गए और 32 घायल हुए हैं। बहरीन और अन्य खाड़ी देशों ने इराक सरकार से यह मांग की है कि वह अपने हथियारों को सरकारी नियंत्रण में ले और अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ होने से रोके। वहीं, ईरान के अधिकारियों ने इन हमलों में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है।
