बहरीन में ईरान के हमलों की वजह से जो छोटे और मध्यम बिजनेस परेशान हुए हैं, उनके लिए सरकार ने एक बड़ी राहत स्कीम शुरू की है। लेबर फंड जिसे Tamkeen कहा जाता है, उसने ‘मुसानादा’ (Musanada) प्रोग्राम लॉन्च किया है ताकि प्रभावित कंपनियों को पैसों की कमी न हो। इस पहल का मकसद बिजनेस को फिर से खड़ा करना और लोगों की नौकरियों को बचाना है।

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क्या है मुसानादा प्रोग्राम और किसे मिलेगी मदद

इस प्रोग्राम की घोषणा 11 जून 2026 को बहरीन चैंबर में एक ब्रीफिंग के दौरान की गई। इसका मुख्य उद्देश्य उन छोटे, मध्यम और सूक्ष्म उद्यमों (MSMEs) को वित्तीय मदद देना है जो हालिया हमलों के कारण संकट में हैं। बहरीन चैंबर के अधिकारी ईसा मुराद ने कहा कि यह मदद निजी क्षेत्र के लिए एक जीवन रेखा की तरह है जिससे कंपनियां अपनी नकदी की समस्या को दूर कर सकेंगी।

मदद पाने के लिए जरूरी शर्तें

हर कोई इस स्कीम का लाभ नहीं ले पाएगा, इसके लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं। आवेदन करने वाले बिजनेस का निजी तौर पर मालिकाना हक होना चाहिए और सरकारी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, कंपनी के पास मार्च 2026 से पहले का एक्टिव कमर्शियल रजिस्ट्रेशन (CR) होना जरूरी है। बिजनेस का एक फिजिकल ऑफिस होना चाहिए और उन्हें यह साबित करना होगा कि उनकी कमाई में वाकई गिरावट आई है। विदेशी कंपनियों के लिए नियम यह है कि उन्हें बहरीन के नागरिकों को नौकरी पर रखना होगा, तभी उन्हें यह मदद मिल पाएगी।

राहत के तीन अलग तरीके

सरकार ने बिजनेस की जरूरत के हिसाब से मदद को तीन हिस्सों में बांटा है। इसमें बुनियादी ढांचे की मरम्मत से लेकर लोन के ब्याज में छूट तक की सुविधा दी गई है।

ट्रैक (Track) मिलने वाली मदद मुख्य शर्त
ट्रैक 1 बुनियादी ढांचे की मरम्मत और किराया या बिजली जैसे खर्चों के लिए ग्रांट ऑफिस तक पहुंच सीमित होना या भौतिक नुकसान होना
ट्रैक 2 तीन महीने तक के ऑपरेशनल खर्चों के लिए ग्रांट बहरीन के कर्मचारियों को नौकरी पर बनाए रखना
ट्रैक 3 SME फंड के जरिए वर्किंग कैपिटल लोन के प्रॉफिट चार्ज पर 100% सब्सिडी 12 महीने का ग्रेस पीरियड और 3 साल तक चुकाने का समय

आवेदन की समय सीमा और निगरानी

प्रभावित बिजनेस के पास आवेदन करने के लिए 11 जून 2026 से केवल तीन महीने का समय है। इस प्रोग्राम की मंजूरी 10 मई 2026 को बहरीन के प्रधानमंत्री कोर्ट के मंत्री शेख ईसा बिन सलमान बिन हमद अल खलीफा की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने दी थी। फंड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय और पब्लिक प्रोसिक्यूशन की टीम निगरानी रखेगी। अगर कोई कंपनी गलत जानकारी देकर पैसा लेती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.