बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने 17 लोगों के खिलाफ चल रहे एक बड़े आतंकी मामले की सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है। कोर्ट ने इस केस की अगली तारीख 22 जुलाई 2026 तय की है। हाल ही में 13, 14 और 15 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला बचाव पक्ष के वकीलों को केस से जुड़ी फाइलें देखने और जेल में बंद अपने मुवक्किलों से मिलने का समय देने के लिए लिया है ताकि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित हो सके।
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आतंकवाद और संविधान विरोधी गतिविधियों का आरोप
इन आरोपियों पर बहरीन के संविधान को निलंबित करने, सरकारी संस्थानों में बाधा डालने और देश की एकता को कमजोर करने जैसी गंभीर साजिश रचने का आरोप है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन का कहना है कि यह समूह ‘गार्डियनशिप ऑफ द जूरिस्ट’ (Wilayat Al Faqih) विचारधारा को बढ़ावा दे रहा था, जिसका उद्देश्य ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति निष्ठा रखना है। आरोप है कि पूजा स्थलों का इस्तेमाल करके लोगों को उकसाया गया और तोड़-फोड़ की गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। कुछ मामलों में ईरान के IRGC से जुड़े होने का भी शक जताया गया है।
कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता
इस मामले में शामिल 17 आरोपियों में से 15 लोग फिलहाल हिरासत में हैं, जबकि दो से तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। बहरीन के अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच पूरी तरह से कानूनी नियमों के तहत की गई है। नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ह्यूमन राइट्स के प्रतिनिधि ने भी सुनवाई में हिस्सा लिया ताकि कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। बहरीन का कानून हर आरोपी को उनके कानूनी अधिकार, परिवार से संपर्क और वकील की सुविधा देता है।
