बहरीन की संसद ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सांसदों ने ईरान के साथ सभी राजनीतिक, राजनयिक, आर्थिक और खेल संबंधों को खत्म करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब ईरान से आने वाले सामान और वहां जाने वाली यात्राओं पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
बहिष्कार के बाद अब क्या नियम लागू होंगे?
- नए नियमों के मुताबिक अब बहरीन में ईरान का कोई भी सामान नहीं आएगा और व्यापार तुरंत बंद कर दिया गया है।
- प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को पुराना ईरानी स्टॉक निकालने या उसे दूसरे देश भेजने के लिए कुछ समय दिया गया है।
- ईरान और बहरीन के बीच सभी सीधी और अप्रत्यक्ष हवाई और समुद्री यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- यह प्रस्ताव सांसद Mohamed Al Olaiwi और चार अन्य सांसदों के नेतृत्व में संवैधानिक प्रावधानों के तहत लाया गया था।
बहरीन ने यह कड़ा कदम क्यों उठाया?
सांसद Mohamed Al Olaiwi ने बताया कि यह फैसला देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान से मिलने वाली धमकियों और अस्थिरता के कारण यह कार्रवाई जरूरी थी। इससे पहले 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित किया था, जिसमें बहरीन, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन जैसे देशों पर ईरान के हमलों की निंदा की गई थी।
दुनिया के देशों और संयुक्त राष्ट्र की क्या प्रतिक्रिया है?
संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के प्रतिनिधि ने GCC देशों की तरफ से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन का शुक्रिया अदा किया है। वहीं, चीन और रूस ने Strait of Hormuz में सैन्य ताकत के इस्तेमाल का विरोध किया था। चीन के राजदूत Fu Cong ने चेतावनी दी थी कि सैन्य कार्रवाई से मामला और बिगड़ सकता है। फ्रांस ने भी केवल रक्षात्मक उपायों का समर्थन किया है ताकि इलाके में शांति बनी रहे।
