Bahrain और United Kingdom ने व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नए समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच सामान के लेन-देन को आसान बनाना और कस्टम की लंबी प्रक्रियाओं को खत्म करना है। इससे आने वाले समय में व्यापार में तेजी आएगी और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

असल में यह समझौता UK और Gulf Cooperation Council (GCC) के बीच हुए Free Trade Agreement (FTA) का हिस्सा है, जिस पर 20 मई 2026 को सहमति बनी थी। यह नया नियम पहले से मौजूद पुराने समझौतों की जगह लेगा और व्यापार के नए रास्ते खोलेगा। UK के ट्रेड मिनिस्टर Chris Bryant और GCC Secretary General Jasem Mohamed Albudaiwi ने इस दस्तावेज़ को अंतिम रूप दिया है।

व्यापार और टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत

इस समझौते के लागू होने के बाद UK और GCC देशों के बीच व्यापार पर लगने वाले टैक्स यानी टैरिफ में भारी कटौती की जाएगी। इससे न सिर्फ सामान सस्ता होगा बल्कि कंपनियों का खर्च भी कम होगा। व्यापार को आसान बनाने के लिए कस्टम क्लियरेंस के समय को भी काफी घटाया गया है।

विवरण जानकारी
कुल टैरिफ कटौती 99% तक टैक्स खत्म होगा
GCC देशों में ब्रिटिश सामान पर छूट 93% उत्पादों पर टैक्स हटेगा
सालाना अनुमानित बचत 580 मिलियन पाउंड
पहले दिन की बचत 360 मिलियन पाउंड
सामान्य सामान क्लियरेंस समय 48 घंटे के भीतर
जल्द खराब होने वाले सामान का समय 6 घंटे से कम
Bahrain-UK व्यापार का लक्ष्य 2 बिलियन पाउंड से ज्यादा
इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन ड्यूटी स्थायी रूप से बैन

डिजिटल ट्रेड और अन्य सुविधाएं

इस डील में डिजिटल व्यापार पर भी खास ध्यान दिया गया है। अब डेटा के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित किया जाएगा और सोर्स कोड के जबरन ट्रांसफर पर रोक रहेगी। इसके अलावा Bahrain ने UK की कंपनियों को अपने ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स में हिस्सा लेने की मंजूरी दी है।

Bahrain के उद्योग और वाणिज्य मंत्री Abdulla bin Adel Fakhro ने इस समझौते को दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद बताया है। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक सहयोग बढ़ेगा और व्यापार की बाधाएं कम होंगी। वहीं UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इसे ब्रिटिश बिजनेस और कामगारों के लिए एक बड़ी जीत बताया है।

ब्रिटिश राजदूत Alastair Long के मुताबिक इस समझौते के बाद Bahrain और UK का आपसी व्यापार 1.3 बिलियन पाउंड से बढ़कर 2 बिलियन पाउंड तक पहुंच सकता है। फिलहाल इस दस्तावेज़ की कानूनी समीक्षा की जा रही है, जिसके बाद औपचारिक हस्ताक्षर होंगे और यह करीब एक साल में पूरी तरह लागू हो जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.