बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक बड़ी मुहिम शुरू की है जिसे दुनिया के लगभग 100 देशों ने अपना समर्थन दिया है। यह पूरा मामला समुद्री सुरक्षा और Strait of Hormuz के बंद होने से जुड़ा है। बहरीन चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए ताकि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था सुरक्षित रहे।

🚨: Bahrain ने दुनिया को जगाया, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान पर बरसे कई देश, ग्लोबल ट्रेड पर मंडराया खतरा

बहरीन ने UN में क्या मांग की और किन देशों ने साथ दिया?

बहरीन ने UN में एक साझा बयान पेश किया जिसे 80 से 100 देशों ने स्वीकार किया। इस बयान में ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने और इसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा की गई। बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif Al Zayani ने UN सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि समुद्री रास्तों पर सुरक्षा बहुत जरूरी है। यह बयान UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का समर्थन करता है जो पड़ोसी अरब देशों पर हुए हमलों की निंदा करता है।

Strait of Hormuz के विवाद से आम लोगों और व्यापार पर क्या असर होगा?

समुद्री रास्तों पर अस्थिरता आने से जहाजों के आने-जाने में रुकावट आती है। इससे माल ढुलाई का खर्चा बढ़ जाता है और ऊर्जा बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आता है। इसका सीधा असर गरीब देशों और आम लोगों पर पड़ता है क्योंकि सामान महंगा हो जाता है। UN के महासचिव António Guterres ने भी इस रास्ते को तुरंत खोलने की अपील की है ताकि वैश्विक व्यापार को बचाया जा सके।

इस मामले में अन्य देशों और अधिकारियों ने क्या कहा?

अमेरिका के प्रतिनिधि Mike Waltz ने इस पहल के लिए बहरीन का शुक्रिया अदा किया और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की। बहरीन के UN दूत Jamal Fares Alrowaiei ने बताया कि खाड़ी देशों पर ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का खुला उल्लंघन हैं। इस महत्वपूर्ण चर्चा में International Maritime Organisation के महासचिव Arsenio Dominguez भी शामिल हुए थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.