संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज बहरीन की तरफ से लाए गए एक अहम प्रस्ताव पर वोटिंग होने वाली है। इस प्रस्ताव का मुख्य लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के आने-जाने को सुरक्षित बनाना है। पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के बीच समुद्री रास्तों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। बहरीन फिलहाल सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है और उसने समुद्री व्यापार में बाधा डालने वाली हरकतों पर लगाम लगाने के लिए यह पहल की है।

इस प्रस्ताव के लागू होने से क्या बदलाव आएंगे?

बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़ायनी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन कर जहाजों को रोका जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत सदस्य देशों को यह अधिकार मिलेगा कि वे होर्मुज और उसके आसपास के पानी में जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी रक्षात्मक साधन अपना सकें। इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई पर पड़ेगा क्योंकि यह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुत जरूरी बताया है।

रूस और चीन की आपत्तियों के बाद बदले गए नियम

इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए इसमें कई बार बदलाव किए गए हैं। पहले इस ड्राफ्ट में सैन्य कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन रूस और चीन ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्हें डर था कि इससे इलाके में तनाव और भी ज्यादा बढ़ सकता है। अब नए मसौदे में सिर्फ बचाव के लिए रक्षात्मक उपाय करने की इजाज़त दी गई है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो देश व्यक्तिगत रूप से या मिलकर जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम उठा सकेंगे। अमेरिका और फ्रांस ने भी संशोधित मसौदे पर अपना रुख सकारात्मक रखा है।

मुख्य जानकारी विवरण
मतदान की तारीख 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
प्रस्ताव का पेशकर्ता बहरीन
प्रभावित क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
अनुमति की अवधि कम से कम 6 महीने
समर्थक देश अमेरिका, खाड़ी देश (GCC)
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.