बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बड़ा ड्रोन हमला किया है। यह हमला 10 जून 2026 को तड़के करीब 2:30 बजे हुआ, जिसके तुरंत बाद पूरे बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरानी ठिकानों पर की गई बमबारी का बदला है। इस बड़े हमले के बाद से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।

ईरान ने क्यों किया यह हमला और क्या हैं उनके दावे?

ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने इस ड्रोन हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है। ईरान के अधिकारियों ने इस हमले के पीछे की वजहों और दावों के बारे में निम्नलिखित जानकारियां दी हैं:

  • बदले की कार्रवाई: ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के जास्क, सिरीक और केश्म क्षेत्रों में किए गए हमलों के विरोध में किया गया है, जिसमें ईरान के दूरसंचार मस्तों और पानी के टैंकों को नुकसान पहुंचा था।
  • शाहेद-136 ड्रोन का इस्तेमाल: इस हमले में ईरान ने अपने घातक शाहेद-136 वन-वे अटैक ड्रोनों का इस्तेमाल किया है।
  • चार मुख्य ठिकानों पर निशाना: ईरान के अनुसार उनके ड्रोनों ने बहरीन में अमेरिकी सेना के F-35 फाइटर जेट हैंगर और एक बड़े कमांड सेंटर सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है।
  • अन्य देशों में भी हमले: IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों सहित कुल 21 ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य देशों की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई?

इस बड़े हमले के बाद बहरीन सरकार और अमेरिका सहित क्षेत्र के अन्य देशों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है:

  • बहरीन गृह मंत्रालय की चेतावनी: बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में एयर रेड सायरन बजने की पुष्टि की है और अपने नागरिकों व प्रवासियों को शांत रहने तथा तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि दोनों पायलट सुरक्षित बच गए हैं और अमेरिका इस हमले का कड़ा जवाब देगा।
  • CENTCOM की कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाते हुए ईरान के हवाई रक्षा प्रणालियों और रडार साइटों पर हमले पूरे कर लिए हैं।
  • जॉर्डन की कार्रवाई: जॉर्डन की सेना ने बताया कि उन्होंने ईरान की तरफ से अल-अजराक क्षेत्र की ओर दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में अमेरिकी नौसेना मुख्यालय पर हमला कब हुआ?

यह हमला 10 जून 2026 को बहरीन के स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 2:30 बजे (जीएसटी सुबह 3:30 बजे) हुआ।

ईरान ने इस हमले के लिए किस हथियार का उपयोग किया?

ईरानी सेना IRGC ने इस हमले में मुख्य रूप से शाहेद-136 (Shahed-136) वन-वे अटैक ड्रोन का इस्तेमाल करने की बात कही है।

क्या बहरीन के अलावा अन्य खाड़ी देशों में भी हमले की खबर है?

हां, ईरान ने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है, जबकि जॉर्डन ने अपनी सीमा में पांच ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है।