बहरीन के विदेश मंत्रालय ने 22 मार्च 2026 को G7 देशों और यूरोपीय संघ के उस संयुक्त बयान का स्वागत किया है जिसमें ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई है। यह बयान खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक बहरीन ने इस कदम को क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी बताया है। इस अंतरराष्ट्रीय समर्थन का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
G7 और यूरोपीय संघ ने किन मुद्दों पर जताई चिंता?
इस संयुक्त बयान में ईरान द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमलों को गलत बताया गया है। G7 देशों ने ईरान से अपनी बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों और अस्थिरता पैदा करने वाले कामों को रोकने की मांग की है। साथ ही यह साफ कर दिया गया है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। इसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों की सुरक्षा और संप्रभुता का पूरा समर्थन किया गया है।
ऊर्जा बाज़ारों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर क्या फैसला हुआ?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विशेष रूप से Strait of Hormuz की सुरक्षा को ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर अहम है क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता से वहां के कामकाज और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| समुद्री सुरक्षा | हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जाएगी |
| ऊर्जा बाजार | तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट रोकने की कोशिश होगी |
| देशों की सुरक्षा | बहरीन और पड़ोसी देशों की संप्रभुता का समर्थन किया गया है |
बहरीन सरकार ने क्या रुख अपनाया है?
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के मुद्दे पर वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि ईरान के हमले पूरी तरह से अनुचित हैं। बहरीन ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की इच्छा जताई है। यह रुख यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल के नियमों के मुताबिक क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है।
