Bahrain और Saudi Arabia पर बढ़ा खतरा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की हूती हमलों की कड़ी निंदा.

Praggya Singh sabal9 August 20263 min read68 viewsBahrain
Bahrain और Saudi Arabia पर बढ़ा खतरा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की हूती हमलों की कड़ी निंदा.

ब बहरीन सरकार ने आधिकारिक तौर पर 9 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान का स्वागत किया जिसमें ईरान समर्थित हूती मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल हमलों और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की गई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यह कड़ा बयान 7 अगस्त 2026 को जारी किया था। इस मामले में बहरीन के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई और साफ किया कि सऊदी की सुरक्षा और स्थिरता बहरीन समेत सभी खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी देशों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। इस कड़े कदम का समर्थन कुवैत, कतार और जॉर्डन ने भी किया है।

हूती हमलों का बढ़ता सिलसिला और सऊदी का रुख

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल हमलों का सिलसिला लगातार 13 जुलाई 2026 से जारी है, जबकि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की शुरुआत 22 जुलाई 2026 से हुई थी। हूती विद्रोहियों ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने 8 अगस्त 2026 को अदन की खाड़ी और उत्तरी लाल सागर में सऊदी के दो ऑयल टैंकरों Daisy और Wafaa पर बैलिस्टिक मिसाइल से सफल हमले किए। इसके अलावा 9 अगस्त 2026 को हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने यह दावा भी किया कि उन्होंने सऊदी अरब के जाज़ान शहर में स्थित एक अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। साथ ही यमन के मोखा पोर्ट पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे गए, जिसमें रिपोर्ट के मुताबिक सात लोगों की मौत हो गई। इन तमाम हमलों के जवाब में सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र के बयान का स्वागत किया और अपने देश, नागरिकों, संसाधनों और सुविधाओं की रक्षा करने के अपने अधिकार को पूरी तरह से दोहराया। रियाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह मांग भी की कि वह सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू कराने में अपनी जिम्मेदारी निभाए और इन उल्लंघनों के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाए, जिसकी अधिक जानकारी आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रस्ताव 2216 का पालन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, खासकर संकल्प 2216 (Resolution 2216) का पूरी तरह से पालन करने पर जोर दिया है। इस बारे में अमेरिकी मिशन के बयानों को आप USUN Official Website पर पढ़ सकते हैं। परिषद ने यमन की संप्रभुता, एकता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही और उन सभी कामों को खारिज किया जो क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन के अधिकारों और स्वतंत्रताओं के लिए खतरा पैदा करते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन की अस्थायी सदस्यता के माध्यम से, देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे समुद्री नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खतरे में डालने वाले इन हमलों को रोकने के लिए एक मजबूत और सख्त स्थिति अपनाएं। इसके अलावा, बहरीन ने यमन में सऊदी अरब के उन कूटनीतिक, विकासात्मक और मानवीय प्रयासों की भी जमकर तारीफ की, जिसके तहत वह वैधता का समर्थन करने वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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