बहरीन की अदालत ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए जासूसी करने के आरोप में एक महिला और अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन लोगों ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया और बेहद जरूरी जगहों की गोपनीय जानकारी ईरान भेजी थी। बहरीन सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

बहरीन में जासूसी मामला क्या है और कैसे हुआ खुलासा

इस पूरे मामले की शुरुआत 11 मार्च 2026 को हुई जब बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने चार नागरिकों को गिरफ्तार किया। इनमें एक महिला भी शामिल थी। जांच में पता चला कि ये लोग ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के लिए काम कर रहे थे। गिरफ्तार लोगों में Sara Abdul Nabi Marhoon (36 वर्ष), Murtadha Hussain Awal (25 वर्ष), Ahmed Isa Al-Haiki (34 वर्ष) और Elias Salman Mirza (22 वर्ष) शामिल हैं। एक अन्य आरोपी Ali Mohammed Hassan Al-Sheikh अभी भी फरार है।

  • आरोपियों ने हाई-रेजोल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल कर देश के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक जगहों की तस्वीरें लीं।
  • इन जानकारियों और लोकेशन (इहداثيات) को एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए ईरान भेजा गया था।
  • एक आरोपी महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) का इस्तेमाल भड़काऊ कंटेंट फैलाने और राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए किया था।

अदालत ने क्या सजा सुनाई और क्या थे मुख्य आरोप

बहरीन की अदालत ने 12 मई 2026 को इस मामले में कड़े फैसले सुनाए। कोर्ट ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है। इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को भी पांच लोगों (तीन बहरीन नागरिक और दो अफगानी नागरिक) को अलग-अलग जासूसी मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें शामिल हैं:

  • दुश्मन देशों के साथ मिलकर जासूसी सेल बनाना।
  • रक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी लीक करना।
  • विदेशी ताकतों से सैन्य ट्रेनिंग और फंडिंग प्राप्त करना।
  • झूठी खबरें फैलाना और ईरान के एजेंडे को बढ़ावा देना।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का क्या कहना है

बहरीन के पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने कहा कि किसी भी विदेशी दुश्मन संस्था के साथ संपर्क करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक अपराध है। बहरीन के कानून के मुताबिक जासूसी के मामलों में उम्रकैद या मौत की सजा का प्रावधान है, खासकर तब जब मामला राष्ट्रीय हितों या जरूरी सरकारी इमारतों को नुकसान पहुँचाने का हो।

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में बहरीन की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की मुख्य भूमिका रही। अधिकारियों ने कहा कि वे देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाली किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में जासूसी के लिए कितनी सजा का प्रावधान है

बहरीन के कानून के मुताबिक जासूसी और विदेशी ताकतों से मिलीभगत करने पर उम्रकैद से लेकर मौत की सजा तक मिल सकती है।

जासूसी के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया गया था

आरोपियों ने हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से रणनीतिक जगहों की तस्वीरें लीं और उन्हें एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए ईरान भेजा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.