Balochistan Attack: बलोच विद्रोहियों का पाकिस्तान सेना पर बड़ा हमला, 8 दिनों में 26 सैन्य अधिकारी ढेर.

बलोचिस्तान में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और सशस्त्र विद्रोहियों ने सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA के प्रवक्ता जैंद बलोच ने मीडिया को दिए अपने आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की है कि उनके लड़ाकों ने पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। बलोच संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई संघीय सेना की ओर से किए जा रहे अत्याचारों और हमलों का बदला लेने के लिए की गई है। इस पूरे सैन्य संघर्ष में दोनों तरफ से भारी गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
सोराब और पंजगुर में हुई हिंसक झड़पें
द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दिनों पाकिस्तान की सेना ने सोराब और पंजगुर इलाकों में आम नागरिकों और कैदियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद बलोच विद्रोहियों का गुस्सा फूट पड़ा। 16 अगस्त की देर शाम जारी किए गए बयान में जैंद बलोच ने बताया कि उनके लड़ाकों ने महज आठ दिनों के भीतर करीब 22 अलग-अलग स्थानों पर पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस दौरान ताबड़तोड़ हमलों में कुल 26 सैन्य अधिकारी मारे गए हैं, जबकि मौत के दस्ते के एक सदस्य को विद्रोहियों ने जीवित भी पकड़ लिया है। इन हमलों के दौरान सुरक्षा चौकियों और थानों को बम से उड़ा दिया गया है और कई सरकारी वाहनों को भी भारी क्षति पहुंचाई गई है।
थानों को उड़ाया और भारी मात्रा में हथियार लूटे
यह पूरा संघर्ष 9 अगस्त से 16 अगस्त के बीच मुख्य रूप से देखने को मिला है। विद्रोहियों ने सैन्य ठिकानों को घेरकर वहां रखे सैकड़ों हथियार भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। 12 अगस्त को दिन के समय चगाई जिले में चेथर थाने को एक जोरदार विस्फोट से पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया। इसके अलावा इसी दिन रात के वक्त कलात के रुडिंजो इलाके में सैन्य वाहनों के काफिले पर अचानक हमला बोल दिया गया, जिसमें करीब 17 अधिकारी और जवान मौके पर ही मारे गए। इस पूरी लड़ाई के दौरान बीएलए के दो कमांडरों के भी मारे जाने की खबर है, जिन्हें संगठन ने शहीद बताया है।
हेलीकॉप्टर और ड्रोन से गोलाबारी
स्थानीय सूत्रों और रिपोर्ट्स से यह भी पता चला है कि पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मस्तंग और खुजदोर के रिहायशी इलाकों में हेलीकॉप्टरों से ताबड़तोड़ गोलाबारी की है और ड्रोन भी दागे हैं। क्वेटा शहर में एक पूर्व अफगान सेना कमांडर की गोली लगने से मौत होने की भी सूचना सामने आई है। सैन्य हमलों और ड्रोन की आवाजों से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बलोचिस्तान में चल रहे इस सशस्त्र संघर्ष की वजह से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं और हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।