बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां और अधिकारी लोगों को गुप्त स्थानों पर रखकर उनसे जबरन कबूलनामे करवा रहे हैं। इस रिपोर्ट में साल 2023 से 2026 के बीच के मामलों का विश्लेषण किया गया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की गई है।
बलूच यकजेहती कमेटी की रिपोर्ट में क्या दावे किए गए हैं?
BYC की रिपोर्ट में मुख्य रूप से फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस और जबरन कबूलनामे का मुद्दा उठाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को बिना किसी न्यायिक निगरानी के हिरासत में रखा जाता है और फिर मीडिया के सामने पेश करके उनसे दबाव में बयान दिलवाए जाते हैं। इस तरह की हरकतों का उद्देश्य बलूचिस्तान के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाना और बदनाम करना है। खासकर महिलाओं को निशाना बनाकर उन्हें जबरन आपराधिक गतिविधियों में शामिल दिखाने की कोशिश की जा रही है, जिसे BYC ने बलूच महिलाओं का मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न बताया है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संगठनों से क्या मांग की गई है?
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बलूच यकजेहती कमेटी ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निकायों, एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है। हाल ही में 1 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र की यातना विरोधी समिति (Committee Against Torture) ने भी बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने, प्रताड़ना और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के मामलों पर चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलूच सहित अन्य प्रमुख लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
बलूचिस्तान में बिगड़ते सुरक्षा हालात और हालिया घटनाएं
ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने भी 25 मई 2026 को बलूचिस्तान में बढ़ती असुरक्षा, अपहरण और हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। हाल ही में बलूचिस्तान में कुछ गंभीर घटनाएं भी सामने आई हैं:
- नसरम बलूच की मौत: लगभग 18 महीनों से लापता नसरम बलूच का प्रताड़ित किया हुआ शव मक्सीन नदी के पास बरामद हुआ है।
- शोधकर्ता गनी बलूच की गुमशुदगी: बलूच महिला मंच ने खुजदार से पिछले एक साल से लापता एमफिल शोधकर्ता गनी बलूच की सुरक्षित रिहाई और न्याय की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) की रिपोर्ट किस समय अवधि पर आधारित है?
यह रिपोर्ट साल 2023 से लेकर 2026 तक के मामलों के विश्लेषण पर आधारित है, जिसे मई 2026 में जारी किया गया है।
रिपोर्ट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखकर मीडिया के सामने जबरन कबूलनामा दिलवाती हैं ताकि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम किया जा सके।