पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 30 जुलाई 2026 को कोयला खदान में हुए एक दर्दनाक विस्फोट ने 32 मजदूरों की जान ले ली है। यह हादसा राजधानी Quetta के बाहरी इलाके सोरंगे में स्थित Sardar Usman Coal Company की खदान में हुआ। शुरुआती खबरों में मौत का आंकड़ा कम था, लेकिन बचाव कार्य के दौरान यह संख्या बढ़ती गई।

🗞️: UAE राजदूत की मदद से रूसी सीमा पर कम हुआ इंतज़ार, घंटों का काम मिनटों में निपटाया

ऑक्सीजन की कमी से बचाव कार्य में बाधा

यह खदान जमीन से करीब 4,000 फीट गहरी है। विस्फोट का मुख्य कारण मीथेन गैस का जमा होना माना जा रहा है। सरकारी खदान निरीक्षक Ghani Baloch ने जानकारी दी है कि खदान में वेंटिलेशन सिस्टम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और ऑक्सीजन का स्तर शून्य हो चुका है। इस वजह से अंदर फंसे 10 मजदूरों को जीवित बाहर निकाल पाने की उम्मीद बहुत कम है और बचाव कर्मियों के लिए भी काम करना बेहद खतरनाक हो गया है।

सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान

बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री Shoaib Nosherwani ने इस हादसे पर दुख जताया है। सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 500,000 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 1,800 अमेरिकी डॉलर) मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, घटना की विस्तृत जांच और सुरक्षा नियमों की समीक्षा के आदेश दिए गए हैं। उधर, Pakistan Central Mines Labour Federation ने इस त्रासदी के पीछे गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। फंसे हुए मजदूर मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा के Shangla जिले के रहने वाले हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com