बलूचिस्तान के सरकारी अस्पतालों में पिछले 19 दिनों से हड़ताल चल रही है। यह विरोध प्रदर्शन डॉक्टर मह नूर नासिर पर हुए एसिड अटैक के बाद शुरू हुआ है। Young Doctors Association (YDA) के सदस्य अब इंसाफ और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों की मुख्य मांगें
YDA ने सरकार के सामने अपनी शर्तें रखी हैं और कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- Doctors Security Act को तुरंत लागू किया जाए।
- एसिड अटैक मामले की न्यायिक जांच हो।
- बलूचिस्तान के हेल्थ सेक्रेटरी और सिविल हॉस्पिटल क्वेटा के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को तुरंत हटाया जाए।
- अस्पतालों और डॉक्टरों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।
विरोध के कारण सरकारी अस्पतालों के OPD बंद रखे गए हैं, हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी, ट्रॉमा और प्रसूति सेवाएं चालू रखी गई हैं। डॉक्टरों ने सिविल हॉस्पिटल क्वेटा के बाहर अपना विरोध कैंप भी लगाया हुआ है।
सरकार का कदम और इलाज
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगटी ने डॉक्टर मह नूर नासिर से मुलाकात की और उनके जल्द ठीक होने की बात कही। राज्यपाल जाफर खान मंडोखैल ने डॉक्टर के पिता से बात कर उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने का भरोसा दिया। फिलहाल डॉक्टर मह नूर कराची के आगा खान यूनिवर्सिटी अस्पताल में हैं, लेकिन उन्हें बेहतर इलाज और प्लास्टिक सर्जरी के लिए अमेरिका भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
जांच और बहादुरी का सम्मान
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी हुमायून शाह भागने की कोशिश के दौरान मारा गया। वहीं, हमले के दौरान डॉक्टर मह नूर को बचाने की कोशिश करने वाले पैरामेडिक अब्दुल रजाक खिलजी को उनकी बहादुरी के लिए सिविल अवार्ड दिया जाएगा।
पाकिस्तान की Human Rights Council (HRC) ने इस हमले को बर्बर बताया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषियों पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।
आगे की योजना
आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन और बड़ा हो सकता है। YDA ने 29 जून को एक ग्रैंड डॉक्टर्स कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है। इसके बाद 30 जून को सिविल हॉस्पिटल से एक बड़ी रैली निकाली जाएगी और पूरे बलूचिस्तान के सरकारी अस्पतालों में प्रदर्शन होगा।
