पाकिस्तान के Balochistan में पांच लोगों के शव मिलने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि ये लोग सशस्त्र आतंकी थे, जबकि मानवाधिकार समूहों का दावा है कि इन्हें जबरन गायब कर मारा गया। यह पूरा मामला तब सामने आया जब सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया।
शवों की बरामदगी और सेना का दावा
6 जुलाई 2026 को Jiwani के Panwan और Ganz इलाकों से पांच लोगों के शव बरामद हुए। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि ये लोग सशस्त्र militant थे और एक सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान मारे गए। यह ऑपरेशन 4 जुलाई को Majeed Brigade (BLA) द्वारा Pakistan Coast Guard कैंप पर किए गए एक आत्मघाती हमले के बाद शुरू किया गया था।
Balochistan के Chief Minister Sarfraz Bugti ने कहा कि प्रांत में सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने सशस्त्र समूहों को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया। सरकारी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा ऑपरेशन केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जाते हैं।
मानवाधिकार समूहों के गंभीर आरोप
Baloch Yakjehti Committee (BYC) और Voice for Baloch Missing Persons (VBMP) ने सेना की बात को पूरी तरह गलत बताया है। इन संगठनों और पीड़ित परिवारों का कहना है कि मारे गए लोग पहले से ही गायब थे और उन्हें एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग का शिकार बनाया गया। BYC लीडर Sammi Deen Baloch ने कहा कि यह लोगों को जबरन गायब करने और बाद में उनके शव मिलने का एक लगातार चलने वाला पैटर्न है। VBMP ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है।
कौन थे मारे गए लोग
मिले हुए शवों में Abdul Haq, Peeri, Shah Bakhsh और Haider Ali Mohammad की पहचान हुई है, जबकि पांचवें व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
- Peeri और Shah Bakhsh को 7 जनवरी 2026 को उनके घर से उठाया गया था।
- स्कूल प्रिंसिपल Abdul Haq फरवरी 2026 से लापता थे।
- Haider Ali Mohammad के परिवार ने अगस्त 2025 में उनके गायब होने पर विरोध प्रदर्शन किया था।
इससे पहले 4 जुलाई की शाम को BLA के Majeed Brigade ने दावा किया था कि उन्होंने Pakistan Coast Guard कैंप पर हमला किया जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
