Balochistan में मानवाधिकारों की स्थिति खराब, 2025 में दर्ज हुई 1,482 जबरन गुमशुदगी और 598 हत्याएं

Nura Basta21 August 20262 min read51 viewsEnglish
Balochistan में मानवाधिकारों की स्थिति खराब, 2025 में दर्ज हुई 1,482 जबरन गुमशुदगी और 598 हत्याएं

ब बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर एक डरावनी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। Human Rights Council of Balochistan (HRCB) की तरफ से जारी की गई एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 के दौरान इस पूरे क्षेत्र में मानवाधिकारों का भारी पतन देखने को मिला है। इस संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कुल 1,482 लोगों के जबरन गायब होने और 598 लोगों की हत्या किए जाने के आंकड़े दर्ज किए हैं। इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी आप ANI News रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

सुरक्षा बलों पर लगे गंभीर आरोप

इस रिपोर्ट में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि इन सभी घटनाओं के पीछे मुख्य रूप से पाकिस्तानी सुरक्षा बल और खासकर Frontier Corps का हाथ है। इसके साथ ही इलाके में काम करने वाले पत्रकारों और राजनीतिक स्वतंत्रता पर भी पाबंदियां बहुत ज्यादा बढ़ा दी गई हैं। आम लोगों के लिए अपनी बात रखना और स्वतंत्र रूप से जीना बेहद मुश्किल होता जा रहा है, जिससे वहां के स्थानीय नागरिकों में भारी डर और रोष का माहौल बना हुआ है।

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साल 2026 में भी जारी है खौफ का माहौल

स्थिति सिर्फ पिछले साल ही खराब नहीं थी, बल्कि साल 2026 में भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में HRCB ने दो बलूच महिलाओं के जबरन गायब होने की घटना को दर्ज किया है। इन महिलाओं के नाम Umaira (उम्र 27 साल) और Najma (उम्र 28 साल) हैं, जिन्हें उनके छोटे बच्चों Parisa (उम्र 8 साल) और Zakir (उम्र 1.5 साल) के साथ अगवा कर लिया गया। इन सभी को 19 अगस्त 2026 को क्वेटा के Gashkori Town से Counter-Terrorism Department और Frontier Corps के जवानों द्वारा उठाए जाने की खबर सामने आई है। इस बारे में अधिक जानकारी इस दूसरी ANI News रिपोर्ट में दी गई है। इससे ठीक पहले Baloch Voice for Justice (BVJ) ने भी दो आम नागरिकों Munib Baloch और Mughfar Abid के 18 अगस्त 2026 को खारन शहर से गायब होने की रिपोर्ट दी थी।

सेना का पक्ष और मीडिया पर नई पाबंदियां

दूसरी तरफ, इन तमाम आरोपों पर पाकिस्तानी सेना का अलग ही बयान सामने आया है। 17 अगस्त 2026 को Inter-Services Public Relations (ISPR) के डायरेक्टर जनरल Lieutenant General Ahmed Sharif Chaudhry ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक फर्जी कहानी बताया है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि पाकिस्तानी सेना ने इस साल इस क्षेत्र में कुल 31,000 से ज्यादा ऑपरेशन चलाए हैं। इसके अलावा, इससे पहले 13 अगस्त 2026 को यह भी खबरें आई थीं कि सुरब जिले में पाकिस्तानी हवाई हमलों के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे। इन सब के बीच इस्लामाबाद सरकार ने Foreign Media Facilitation Guidelines 2026 लागू कर दी हैं, जिसके तहत अब किसी भी स्वतंत्र पत्रकारिता या जांच के लिए जाने से पहले सभी स्थानीय और विदेशी नागरिकों को सरकार से पहले अनुमति लेनी होगी।

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