पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गरीबी का स्तर बहुत बढ़ गया है। हाल ही में जारी सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक यहाँ की लगभग आधी आबादी बुनियादी सुविधाओं के बिना जी रही है। इस आर्थिक तंगी की वजह से अब लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

सरकारी रिपोर्ट में गरीबी के चौंकाने वाले आंकड़े

वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb ने 12 जून 2026 को Pakistan Economic Survey 2025-26 पेश किया। इस सर्वे में बताया गया कि बलूचिस्तान में गरीबी की दर सबसे ज्यादा हो गई है। यहाँ के हालात देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले काफी खराब हैं।

विवरण गरीबी की दर/आंकड़ा
बलूचिस्तान की वर्तमान गरीबी दर 47 प्रतिशत
पाकिस्तान की राष्ट्रीय औसत गरीबी दर 28.9 प्रतिशत
बलूचिस्तान में गरीबी (2018-19 में) 41.8 प्रतिशत
आय गरीबी (Chief Minister के अनुसार) 51 प्रतिशत
बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty) 71 प्रतिशत

गरीबी बढ़ने की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों ने बताया कि बलूचिस्तान की इस हालत के पीछे कई कारण हैं। प्रशासन की अनदेखी और खराब गवर्नेंस ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। इसके अलावा कुछ प्रमुख कारण ये रहे:

  • व्यापार पर रोक: ईरान और अफगानिस्तान के साथ सीमा पार व्यापार पर पाबंदियां लगाई गईं, जिससे सीमावर्ती इलाकों के हजारों परिवारों की कमाई बंद हो गई।
  • बुनियादी सुविधाओं की कमी: लोगों को साफ पीने का पानी, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
  • बेरोजगारी: औद्योगिक विकास की कमी और नौकरियों के सीमित अवसरों ने युवाओं को परेशान कर दिया है।
  • जलवायु परिवर्तन: मुख्यमंत्री Mir Sarfaraz Bugti ने गरीबी का एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन को भी बताया है।

गुस्से में जनता और बड़े विरोध प्रदर्शन

आर्थिक तंगी का असर अब आम लोगों के व्यवहार में दिख रहा है। 11 जून 2026 को बलूचिस्तान में व्यापक स्तर पर ‘शटरडाउन’ और ‘व्हील-जाम’ हड़ताल हुई। Joint Action Committee ने कानून व्यवस्था और असुरक्षा के खिलाफ यह विरोध जताया। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम वेतन को महंगाई के हिसाब से बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया है।

बेरोजगारी का दर्द इतना बढ़ गया है कि क्वेटा में एक युवक ने अपनी पढ़ाई के सर्टिफिकेट जला दिए, जबकि डेरा बुगटी में एक व्यक्ति ने आर्थिक तंगी के कारण अपनी जान देने की कोशिश की। इसके अलावा, लापता लोगों के परिजनों ने CPEC हाईवे पर भी धरना दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

विपक्ष की पार्टी PTI ने इस आर्थिक सर्वे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता Sheikh Waqas Akram ने इसे आंकड़ों की हेराफेरी बताया और कहा कि यह रिपोर्ट आम जनता की मुश्किलों को नजरअंदाज करती है। दूसरी तरफ, बलूचिस्तान सरकार जून के तीसरे हफ्ते में अपना नया बजट पेश करेगी। उम्मीद है कि इस बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए ज्यादा पैसा रखा जाएगा और इसे टैक्स फ्री रखा जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com