बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की छापेमारी और मौतों के खिलाफ बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (BNP) ने मोर्चा खोल दिया है। 6 जून 2026 को पूरे बलूचिस्तान में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए गए। पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार नसीर अहमद मुसियानी के घर पर सुरक्षा बलों की छापेमारी के बाद यह गुस्सा भड़का है। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर तानाशाही और मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया है।
सुरक्षा बलों की छापेमारी में क्या हुआ?
बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के नेताओं के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जेहरी में सरदार नसीर अहमद मुसियानी के घर पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान घर के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। पार्टी का आरोप है कि इस छापेमारी में सरदार नसीर के बेटे खलील अहमद मुसियानी और एक अन्य युवक उमैर सुमलानी की मौत हो गई। इसके अलावा, परिवार के कई बेटों, रिश्तेदारों और साथियों को हिरासत में ले लिया गया है।
BNP नेताओं ने सरकार और सुरक्षा बलों से क्या मांग की है?
पार्टी के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष साजिद तरीन एडवोकेट और अन्य नेताओं ने क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगें रखीं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- निष्पक्ष जांच की मांग: खलील मुसियानी और उमैर सुमलानी की मौत की तुरंत एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
- नेताओं की रिहाई: हिरासत में लिए गए सरदार नसीर अहमद मुसियानी, उनके बेटों और अन्य रिश्तेदारों को तुरंत रिहा किया जाए।
- जबरन गायब करने पर रोक: प्रांत में चल रहे जबरन गायब करने (enforced disappearances) के सिलसिले और गैर-कानूनी गिरफ्तारियों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठ चुका है यह मुद्दा
बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी चिंता जता चुकी हैं। अप्रैल 2025 में संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में बिना वारंट के लोगों को उठाने और जबरन गायब करने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही अगस्त 2025 में लेमकिन इंस्टीट्यूट फॉर जेनोसाइड प्रिवेंशन ने भी बलूचिस्तान में सैन्य दमन और गंभीर मानवाधिकार संकट को लेकर दुनिया का ध्यान खींचा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बलूचिस्तान में ताजा विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
6 जून 2026 को बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (BNP) ने सरदार नसीर अहमद मुसियानी के घर पर सुरक्षा बलों की छापेमारी और उनके बेटे खलील मुसियानी की मौत के खिलाफ पूरे प्रांत में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी पार्टी की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी मारे गए लोगों की स्वतंत्र जांच कराने और हिरासत में लिए गए पार्टी नेताओं समेत उनके परिवार के सदस्यों की तुरंत रिहाई की मांग कर रहे हैं।
