पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मचा हड़कंप, सुरक्षा बलों पर कई जगहों पर हमले, पुलिस अधिकारी समेत कई घायल

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था उस समय चरमरा गई जब हथियारबंद लड़ाकों ने एक साथ कई इलाकों को निशाना बनाया। गुरुवार और शुक्रवार की रात को हुए इन सुनियोजित हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उनके काफिलों को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है। इन हिंसक झड़पों में एक पुलिस अधिकारी की मौत की दुखद खबर सामने आई है, वहीं सुरक्षा बलों के कई जवानों के हताहत होने की आशंका बनी हुई है।
कई जिलों में एक साथ हुए हमले
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमले की ये घटनाएं नोशकी, डलबंदिन, चगाई, खारन और बोलान जैसे संवेदनशील इलाकों में हुई हैं। स्थानीय सूत्रों और द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नोशकी में सुल्तान चराई के पास सुरक्षा बलों के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया, जहां हमलावरों ने भारी स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया। इसी तरह, डलबंदिन में क्वेटा-ताफ़्तन ट्रेड रूट पर मौजूद सुरक्षा बलों और व्यावसायिक वाहनों के काफिले को निशाना बनाकर 40 मिनट से ज्यादा समय तक गोलीबारी और धमाके किए गए।
सड़कों पर कब्जा और पुलिस चौकी पर धावा
इन हमलों का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। खारन जिले में हथियारबंद लोगों ने अल्बाट और पटकिन के बीच मुख्य हाईवे को कई घंटों तक जाम रखा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान हमलावरों ने वाहनों की तलाशी भी ली। इसके अलावा, बोलान के बलानारी नेशनल हाईवे पर स्थित डोसा क्रॉस पुलिस चेकपोस्ट पर हमलावरों ने कब्जा कर लिया और वहां मौजूद हथियारों को अपने साथ ले गए। इसी चेकपोस्ट पर पुलिस अधिकारी हाफ़िज़ अब्दुल रशीद की मौत हो गई।
वाहनों को बनाया निशाना
हमलावरों ने सिर्फ सुरक्षा बलों को ही नहीं, बल्कि मालवाहक ट्रकों और ईंधन टैंकरों को भी निशाना बनाया। चेहाटर इलाके के एक बाजार में खड़े कई मालवाहक वाहनों के टायरों को गोलीबारी कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। चगाई जिले में तो एक मालवाहक बस को रोककर उसके चालक दल को भी जबरन अज्ञात स्थान पर ले जाने की खबरें सामने आई हैं। बरतागज़ी और चेहाटर के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा बलों के वाहनों पर हमले और गोलीबारी की पुष्टि हुई है। हालांकि इन सभी घटनाओं के बाद से आधिकारिक स्तर पर हताहतों की कुल संख्या का ब्यौरा अभी आना बाकी है, और किसी भी संगठन ने अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और सुरक्षा बलों की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि स्थिति साफ हो सके कि इन हमलों में कुल कितना नुकसान हुआ है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।