पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। Baloch Yakjehti Committee (BYC) ने सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार पर राज्य प्रायोजित दमन और हिंसा बढ़ाने का आरोप लगाया है। यह बयान हाल ही में हुई कुछ बड़ी घटनाओं के बाद आया है, जिसमें एक जज की हत्या और बसों पर हमले जैसी वारदातें शामिल हैं।
हिंसा की प्रमुख घटनाएं
23 जुलाई 2026 को क्वेटा से मस्टुंग जाते समय एक सशस्त्र हमले में Sessions Judge Abdul Haqim Kakar और उनके सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। इस हमले में Additional Sessions Judge Tariq Lashari घायल भी हुए हैं। इसकी जिम्मेदारी ISIS ने ली है। इससे एक दिन पहले, 22 जुलाई 2026 को खुदा कोचा इलाके में एक कराची जाने वाली यात्री बस पर हमला हुआ, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई और 5 लोग घायल हुए। इसके अलावा नेशनल हाईवे पर एक पुल को विस्फोट में उड़ा दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और लोगों की परेशानी
इन हमलों के बाद Balochistan Home Department ने Khud Kocha इलाके में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। बलूच कमेटी का कहना है कि प्रशासन के इन फैसलों से आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है और उन्हें हर छोटी गतिविधि के लिए अनुमति लेनी पड़ रही है। इस पूरे मामले को लेकर Balochistan National Party के प्रमुख Sardar Akhtar Mengal ने न्यायिक जांच की मांग की है। वहीं PTI ने भी सरकार से सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और राज्य का इकबाल बहाल करने की अपील की है।
