बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला, 13 सैनिकों की मौत और कई घायल, बीएलए ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में सुरक्षा बलों के काफिले को एक बार फिर बड़े पैमाने पर निशाना बनाया गया है। इस खतरनाक हमले में पाकिस्तानी सेना के 13 सैनिकों की मौत हो गई है और 10 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने खुले तौर पर ली है, हालांकि सरकारी स्तर पर इन बड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस सनसनीखेज हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया है।
कैसे दिया गया हमले को अंजाम
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और ऑनलाइन समाचार नेटवर्क 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने एक बयान जारी करके बताया कि यह सैन्य हमला बीते 22 अगस्त को खदकोचा इलाके में किया गया था। संगठन के लड़ाकों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से पहले एक बख्तरबंद सैन्य वाहन को आईईडी विस्फोट के जरिए हवा में उड़ा दिया। इसके तुरंत बाद घात लगाकर बैठे आतंकवादियों ने दूसरी बख्तरबंद गाड़ी और काफिले में पीछे चल रहे अन्य वाहनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बीएलए ने अपने दावे में कहा है कि इस पूरे सैन्य ऑपरेशन में उनके विशेष दस्ते यानी स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड के सदस्य शामिल थे। स्थानीय सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, इस भीषण हमले में सेना का पहला बख्तरबंद वाहन पूरी तरह से नष्ट हो गया, जबकि दूसरा वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा हथियारबंद हमलावरों ने सैन्य काफिले को भारी नुकसान पहुंचाया और मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
अनिश्चितकालीन कर्फ्यू और तुरbat की घटना
इस बड़े हमले के तुरंत बाद हरकत में आए बलूचिस्तान गृह विभाग ने सुरक्षा स्थिति को संभालते हुए खदकोचा और उसके आसपास के तमाम इलाकों में बीते 23 अगस्त की सुबह 7 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। सड़कों पर भारी संख्या में सेना और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
महज एक दिन बाद यानी रविवार को बीएलए ने तुरबत के हीरबाद इलाके में एक और अलग हमले का दावा किया। संगठन के मुताबिक, इस दूसरे हमले में भी तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई और तीन अन्य घायल हो गए। हालांकि, इस मामले में सरकारी अधिकारियों का पक्ष अलग सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि हीरबाद में फ्रंटियर कॉर्प्स यानी एफसी की रोड-सर्च टीम पर हमला जरूर हुआ था, जिसमें तीन जवान घायल हुए हैं।
अन्य इलाकों में भी हमलों का दावा
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के दौरान तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह हथियारबंद लोगों ने सर्च टीम पर अचानक ग्रेनेड फेंके और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि, सुरक्षा बलों की तरफ से जब जवाबी कार्रवाई की गई, तो हमलावर मौके से फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। दूसरी तरफ, बीएलए ने नोशकी, कलात, खारन, वाशुक, ज़ेहरी और चगाई समेत बलूचिस्तान के कई अन्य इलाकों में भी आठ अलग-अलग अभियानों को अंजाम देने का सनसनीखेज दावा किया है।
संगठन ने यह भी कहा है कि इन तमाम अभियानों से जुड़ी हुई विस्तृत और पक्की जानकारी उनके आने वाले साप्ताहिक बयान में सार्वजनिक की जाएगी। गौरतलब है कि बलूचिस्तान क्षेत्र में पिछले लंबे समय से अलग-अलग अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच खूनी संघर्ष का दौर लगातार जारी है। मस्तुंग और तुरबत में सामने आए इन ताजा हमलों के बाद पूरे प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।