Bangladesh Accident: बांग्लादेश में भीषण सड़क हादसे, दो अलग-अलग घटनाओं में सात मजदूरों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत.

Praggya Singh sabal13 August 20264 min read60 viewsWorld
Bangladesh Accident: बांग्लादेश में भीषण सड़क हादसे, दो अलग-अलग घटनाओं में सात मजदूरों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत.

बांग्लादेश की सड़कें इन दिनों लगातार खून से लाल हो रही हैं और आए दिन होने वाले सड़क हादसों ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। देश के विभिन्न इलाकों में तेज रफ्तार और प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोगों की जान जा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर बहुत बड़ा सवालिया निशान लग गया है। ताजा मामलों में बांग्लादेश के सिलहट और बोगरा जिलों में दिल दहला देने वाली दो अलग-अलग बस दुर्घटनाएं सामने आई हैं। इन दर्दनाक सड़क हादसों में कुल 15 बेकसूर लोगों की मौत हो गई है, जिनमें सड़क किनारे काम की तलाश में खड़े 7 गरीब मजदूर भी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

बोगरा में मजदूरों के लिए काल बनी तेज रफ्तार बस

शुक्रवार की सुबह लगभग 5:30 बजे बोगरा सदर के सिल्कीबांधा इलाके के एरुलिया क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां काम की तलाश में सड़क के किनारे खड़े कुछ गरीब मजदूरों को एक निजी बस ने बहुत बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी ढाका से नाओगांव जा रही शाह फतेह अली परिवहन कंपनी की बस बारिश की वजह से गीले हुए बोगरा-नाओगांव हाईवे पर अचानक फिसल गई। बस फिसलने के बाद सीधे सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकराई और वहां खड़े मजदूरों को अपने साथ घसीटते हुए चली गई। इस भीषण टक्कर में मौके पर ही 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल मजदूरों ने शहीद जियाउर रहमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हालांकि कई घायलों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

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मृतकों की हुई पहचान और गुस्साए लोगों का हाईवे पर प्रदर्शन

इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे, जिनमें से अब तक केवल 4 लोगों की ही पहचान हो पाई है। मृतकों में गाइबांधा के गोबिंदागंज के रहने वाले अमीरुल इस्लाम और नूर आलम, बोगरा सदर के फापोर के रहने वाले बेलाल हुसैन और जॉयपुरहाट के रहने वाले ताजमुल शामिल हैं। अपने साथियों की इस तरह अचानक हुई मौत से गुस्साए अन्य मजदूरों और स्थानीय निवासियों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने बोगरा-नाओगांव हाईवे पर जाम लगा दिया और मांग की कि इस खतरनाक जगह पर जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय किसान मिजानुर रहमान ने मीडिया को बताया कि सिल्कीबांधा इलाके में इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार होती रहती हैं, इसलिए यहां गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। एरुलिया यूनियन परिषद के चेयरमैन अतीकुर रहमान अतीक ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत जारी है और जैसे ही स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू होगा, लोग जाम हटा लेंगे।

सिलहट में दो बसों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर

बोगरा की इस दर्दनाक घटना के कुछ ही देर बाद देश के दूसरे हिस्से सिलहट में भी एक और बड़ा सड़क हादसा हो गया। सिलहट के ओस्मानीनगर उप जिला के दयामीर इलाके में दो तेज रफ्तार बसें आमने-सामने से आपस में बहुत जोर से टकरा गईं। इस भयानक टक्कर में कम से कम 8 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और लगभग 25 अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। ओस्मानीनगर थाना प्रभारी गोलम मुस्तफ़ा ने मीडिया को बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले और घायल होने वाले लोगों की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। पुलिस से मिली शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, ढाका से सिलहट की तरफ जा रही 'बंगाल परिवहन' की बस और सिलहट से ढाका जा रही 'यूनिक परिवहन' की बस के बीच यह सीधी टक्कर हुई थी।

खाई में गिरी बस और लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे

यह टक्कर इतनी ज्यादा जोरदार थी कि 'यूनिक परिवहन' की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। अपनी जान गंवाने वाले सभी अभाग्य यात्री इसी खाई में गिरने वाली बस के सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को तुरंत सिलहट के एमएजी ओस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों को रोकने के तमाम दावों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। रोड सेफ्टी फाउंडेशन के आंकड़ों के अनुसार, अकेले पिछले महीने जुलाई के दौरान देश भर में कुल 458 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे, जिनमें 416 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। लगातार हो रहे इन सड़क हादसों ने आम आदमी के सफर को बेहद असुरक्षित बना दिया है।

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