बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार की दोपहर एक बड़ा बवाल देखने को मिला। यहां अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के सरकारी आवास ‘जमुना’ के बाहर जोरदार प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस झड़प में करीब 23 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना राष्ट्रीय चुनाव से ठीक 6 दिन पहले हुई है।

क्यों हो रहा था प्रदर्शन और क्या है उनकी मांग?

यह प्रदर्शन ‘इंकलाब मंच’ नाम के एक संगठन द्वारा किया जा रहा था। ये लोग उस्मान हदी की मौत के लिए इंसाफ की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है, जिसके बाद वे मुख्य सलाहकार के आवास के बाहर जमा हो गए।

मामले की पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है:

  • उस्मान हदी को 12 दिसंबर, 2025 को ढाका के पलटन इलाके में गोली मारी गई थी।
  • घायल हालत में उन्हें 15 दिसंबर को सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया।
  • इलाज के दौरान 18 दिसंबर, 2025 को उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस और सरकार ने कार्रवाई पर क्या कहा?

झड़प के बाद यह अफवाह उड़ी कि पुलिस ने गोली चलाई है, लेकिन अंतरिम सरकार ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने किसी भी तरह की गोलीबारी नहीं की। ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने भी पुष्टि की है कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी घातक हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया।

ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बताया है कि घायल हुए 23 लोगों में से किसी को भी गोली नहीं लगी है। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सिर्फ साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और पानी की बौछार का ही सहारा लिया। घायलों में इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर भी शामिल हैं।

चुनाव से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई

बांग्लादेश में 12 फरवरी, 2026 को राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। उससे पहले हुई इस हिंसा ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। सुरक्षा को देखते हुए अब स्टेट गेस्ट हाउस ‘जमुना’ के आसपास किसी भी तरह की सभा, रैली या जुलूस पर रोक लगा दी गई है।

दूसरी तरफ, सरकार उस्मान हदी की हत्या की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) की मदद लेने पर विचार कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार यानी 8 फरवरी को इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र के संबंधित निकाय को एक आधिकारिक पत्र भेजा जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.