Bangladesh Radar System: भारत की सीमा पर बांग्लादेश ने लगाए आधुनिक राडार, सिलीगुड़ी कॉरिडोर और नॉर्थ-ईस्ट पर असर

भारत की पूर्वी सीमा पर एक बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश ने अपने उत्तरी इलाकों में आधुनिक एयर डिफेंस राडार सिस्टम तैनात किए हैं। यह इलाका भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बहुत करीब है, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है। इस कदम से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और निगरानी के तरीकों में बदलाव आया है।

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बांग्लादेश के नए राडार सिस्टम में क्या है खास?

बांग्लादेश ने Lalmonirhat एयरबेस पर आधुनिक राडार लगाए हैं। यहाँ GM 403-M जैसे डिजिटल राडार सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जो बहुत दूर तक उड़ते विमानों और ड्रोन को देख सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये राडार कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, रांची और वाराणसी जैसे भारतीय शहरों की हवाई गतिविधियों पर नज़र रख सकते हैं। यह पूरा काम बांग्लादेश के “Forces Goal 2030” प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका मकसद उनकी राष्ट्रीय हवाई सुरक्षा को मज़बूत करना है।

भारत ने इस स्थिति में क्या कदम उठाए हैं?

सीमा पर बढ़ती निगरानी को देखते हुए भारत ने अपनी सैन्य तैयारी बढ़ा दी है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास तीन नए मिलिट्री इंस्टालेशन बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए यहाँ Rafale लड़ाकू विमान, BrahMos मिसाइल सिस्टम और आधुनिक एयर डिफेंस एसेट्स तैनात किए गए हैं। साथ ही Border Security Force (BSF) ने सीमा के संवेदनशील हिस्सों पर ड्रोन, राडार और सैटेलाइट के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तेज़ कर दी है।

इस पूरे मामले का राजनीतिक और क्षेत्रीय असर क्या है?

अगस्त 2024 में शेख हसीना के हटने के बाद बांग्लादेश का झुकाव अब चीन और पाकिस्तान की तरफ बढ़ा है। बांग्लादेश अब चीन से J-10C फाइटर जेट खरीदने और ड्रोन बनाने पर विचार कर रहा है। वहीं पाकिस्तान ने भी JF-17 लड़ाकू विमानों की पेशकश की है। हालांकि, 16 अक्टूबर 2025 को भारतीय मिलिट्री इंटेलिजेंस और बांग्लादेशी सेना के अधिकारियों ने मिलकर Lalmonirhat और अन्य ठिकानों का निरीक्षण किया था ताकि पारदर्शिता बनी रहे।