Bangladesh Energy Crisis: बांग्लादेश में गंभीर गैस संकट से उद्योग ठप, निर्यात को बड़ा खतरा

Praggya Singh sabal23 August 20263 min read62 viewsWorld
Bangladesh Energy Crisis: बांग्लादेश में गंभीर गैस संकट से उद्योग ठप, निर्यात को बड़ा खतरा

बांग्लादेश इन दिनों एक गंभीर प्राकृतिक गैस संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण देश के घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। 22 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, नेशनल ग्रिड को रोजाना केवल 2,311 मिलियन क्यूबिक फीट (mmcfd) गैस मिल रही है, जबकि रोजाना की अनुमानित मांग 3,800 mmcfd है। इस तरह रोजाना 1,489 mmcfd गैस की भारी कमी बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन और कामकाज पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

घरेलू उत्पादन में कमी और एलएनजी आयात में बाधा

गैस की इस भारी किल्लत के पीछे मुख्य वजहें घरेलू खोज में लंबे समय से हुई लापरवाही और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के आयात में आ रही रुकावटें हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले जहाजों के आवागमन में भी बड़ी मुश्किलें आ रही हैं, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ती जा रही है।

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उद्योगों पर सबसे बड़ा प्रहार और फैक्ट्रियों का बंद होना

इस संकट का सबसे बुरा असर देश के औद्योगिक सेक्टर पर पड़ा है। ढाका चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DCCI) के अनुमान के मुताबिक, इस संकट की वजह से व्यवसायों को रोजाना Tk 2,387 करोड़ तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बांग्लादेश निटवेअर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BKMEA) के अध्यक्ष मोहम्मद हातेम ने 22 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि गैस का दबाव बिल्कुल शून्य होने की वजह से लगभग 300 फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इसकी वजह से देश की मासिक निर्यात आय का 40 प्रतिशत हिस्सा खतरे में पड़ गया है।

नरसिंहंदी इलाके में 100 से ज्यादा कपड़ा मिलों ने अपना उत्पादन या तो पूरी तरह बंद कर दिया है या फिर उसमें कटौती कर दी है। हालात इतने खराब हैं कि कई कारखानों को अपना काम चालू रखने के लिए लकड़ी जलानी पड़ रही है। इसके अलावा, गाजीपुर की 18 प्रतिशत फैक्ट्रियों ने भी अस्थायी रूप से अपने कामकाज बंद करने का ऐलान कर दिया है।

खाद्य सुरक्षा पर मंडराता संकट और यूरिया आयात

खाद बनाने वाले कारखानों जैसे ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को भी लंबे समय तक रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। आशूगंज फर्टिलाइजर कारखाना पिछले एक साल से अधिक समय से बंद पड़ा है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस कमी से निपटने के लिए, आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 19 अगस्त 2026 को बांग्लादेश केमिकल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (BCIC) और फर्टिग्लोब डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यूरिया खाद आयात करने के एक अनुबंध को मंजूरी दी है।

राहत के प्रयास और बिजली कटौती की मार

स्थिति से निपटने के लिए राहत के कुछ उपाय भी किए जा रहे हैं। अमेरिका के कैमरून एलएनजी पोर्ट से एक नया एलएनजी कार्गो 22 अगस्त 2026 को महेशखाली में एक्सेलरेट एनर्जी के तैरते हुए टर्मिनल पर पहुंच गया है। इस खेप के आने और सीमित आपूर्ति के दोबारा शुरू होने से महेशखाली के दोनों टर्मिनलों से कुल आपूर्ति बढ़कर 1,000 mmcfd तक पहुंचने की उम्मीद है।

इन तमाम कोशिशों के बावजूद आम लोगों के घरों में गैस का दबाव बहुत कम आ रहा है। बिजलीघरों को भी पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर बिजली कटौती (लोड शेडिंग) हो रही है। 11 अगस्त 2026 को लोड शेडिंग का यह आंकड़ा बढ़कर 3,592 मेगावाट तक पहुंच गया था। नेशनल ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने बिजली बचाने के कई नियम लागू किए हैं, जिसके तहत शॉपिंग मॉल को तय समय से एक घंटा पहले बंद करने का आदेश दिया गया है।

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