बांग्लादेश में इस समय ऊर्जा संकट बहुत गहरा गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से ईंधन की सप्लाई रुक गई है, जिसका सीधा असर पानी के रास्तों से होने वाले ट्रांसपोर्ट पर पड़ा है। डीजल की भारी कमी और बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पानी के रास्तों पर क्या असर पड़ा है

देश में डीजल की सप्लाई मांग के मुकाबले 40% कम हो गई है। डीजल के दाम 1 लीटर पर 15 टका बढ़ गए हैं, जिससे जहाज चलाने वालों के लिए खर्चा बढ़ गया है। Chattogram पोर्ट पर छोटे जहाजों का काम लगभग रुक गया है, जिससे बड़े जहाजों से सामान उतारने में देरी हो रही है और पूरे देश में सप्लाई चेन खराब हो गई है।

Bangladesh Inland Waterways Association के प्रेसिडेंट Badiuzzaman Badal ने बताया कि सिर्फ ढाका में जहाजों के लिए रोजाना 2 लाख से 3 लाख लीटर डीजल की जरूरत होती है, लेकिन इतनी सप्लाई नहीं मिल पा रही है। इससे ट्रांसपोर्ट का समय बढ़ गया है और आम जनता को काफी परेशानी हो रही है।

सरकार ने संकट से निपटने के लिए क्या किया

बांग्लादेश सरकार ने ईंधन की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका और भारत से मदद मांगी है। भारत से करीब 45,000 टन डीजल मंगवाने की तैयारी थी, जिसमें से 27,000 टन डीजल आ चुका है या रास्ते में है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विकास पार्टनर्स से 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद मांगी है।

खर्च कम करने के लिए सरकार ने देश में कुछ कड़े नियम लागू किए हैं। अब सरकारी ऑफिस सुबह 9 से शाम 4 बजे तक खुलेंगे और दुकानों व शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करना होगा। सरकार ने अन्य क्षेत्रों में भी खर्चों में कटौती की है ताकि ऊर्जा की खपत कम की जा सके।

ऊर्जा संकट से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण जानकारी
डीजल सप्लाई में कमी 40% तक
डीजल की कीमत में बढ़ोत्तरी 15 टका प्रति लीटर
भारत से डीजल आयात 45,000 टन (कुल लक्ष्य)
मांगी गई आर्थिक मदद 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर
तेल आयात पर निर्भरता 95%
गैस आयात पर निर्भरता 30%
गैस की दैनिक कमी 1,300 मिलियन क्यूबिक फीट
मुख्य कारण पश्चिम एशिया युद्ध (Strait of Hormuz मार्ग बाधित)
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com