Bangladesh News: शेख हसीना के लाइव भाषण पर भड़का बांग्लादेश, भारत के सामने जताई कड़ी नाराजगी

Sushma Kumari12 August 20263 min read50 viewsIndia
Bangladesh News: शेख हसीना के लाइव भाषण पर भड़का बांग्लादेश, भारत के सामने जताई कड़ी नाराजगी

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दिए जाने पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के प्रति अपनी कड़ी नाराजगी और असंतोष जताया है। ढाका का कहना है कि इस तरह के कदम से देश के आम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी संबंधों को सुधारने के प्रयासों को गहरा धक्का लगा है। बांग्लादेश सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह की घटनाओं से द्विपक्षीय कूटनीतिक रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट और मंत्रालय का आधिकारिक बयान

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी कि उन्होंने नई दिल्ली को इस मामले पर अपनी गंभीर चिंता से पहले ही अवगत करा दिया था। बांग्लादेशी पक्ष ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस प्रकार के सार्वजनिक मंच और कार्यक्रम दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की चल रही कोशिशों को कमजोर कर सकते हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम के होने देने से ढाका में काफी नाराजगी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

भगोड़ा और नरसंहार की दोषी बताने का आरोप

मंत्रालय ने अपने बयान में अपदस्थ प्रधानमंत्री को भगोड़ा और नरसंहार की दोषी करार देते हुए कहा कि उन्हें बुधवार शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि शेख हसीना और उनके सहयोगियों ने इस मंच का इस्तेमाल सीधे तौर पर बांग्लादेश के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए किया। ढाका का मानना है कि पूर्व की चेतावनियों और इसके संभावित राजनयिक परिणामों को नजरअंदाज किया जाना दोनों देशों के आपसी भरोसे के खिलाफ है।

जुलाई क्रांति की बरसी और संप्रभुता का सवाल

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि जुलाई क्रांति की दूसरी बरसी के मौके पर इस तरह की मीडिया बातचीत होना देश की संप्रभुता का सीधा अपमान है। साथ ही यह जुलाई 2024 के आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों की कुर्बानियों का भी अनादर है। मंत्रालय ने हसीना पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा के बारे में आई संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को सिरे से नकारा है, जबकि बांग्लादेश के लोग जुलाई क्रांति के आदर्शों और उसके मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

द्विपक्षीय संबंधों और प्रत्यर्पण संधि पर रुख

भारत के साथ अपने रिश्तों पर बात करते हुए मंत्रालय ने दोहराया कि बांग्लादेश भारत के साथ रचनात्मक, द्विपक्षीय फायदे और भविष्योन्मुखी संबंध बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ये संबंध संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह का दखल न देने और राष्ट्रीय सम्मान के आधार पर आगे बढ़ने चाहिए। हालांकि, मंत्रालय ने इस बात का भी जिक्र किया कि 2013 में हुई बांग्लादेश-भारत प्रत्यर्पण संधि के तहत शेख हसीना को वापस भेजने के लिए बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद नई दिल्ली की ओर से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन और बड़े पैमाने पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही ढाका और नई दिल्ली के बीच संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। देश छोड़ने के बाद से ही हसीना भारत में रह रही हैं और वहां की सरकार लगातार प्रत्यर्पण संधि का हवाला देकर उनकी वापसी की मांग कर रही है। ढाका ने इससे पहले भी कई मौकों पर भारत के सामने हसीना के सार्वजनिक बयानों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

Share:

Comments

Leave a comment