बांग्लादेश में भारी मानसून की बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 12 जुलाई 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 51 लोगों की जान जा चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सात जिलों में मची इस तबाही ने लाखों घरों को जलमग्न कर दिया है, जिससे हजारों लोग विस्थापित होने को मजबूर हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने 7 जुलाई से अब तक पूरे देश में 4.60 करोड़ टका नकद और 8,950 मीट्रिक टन चावल सहायता के तौर पर बांटे हैं। राहत कार्यों में बांग्लादेश आर्मी, नेवी, एयर फोर्स और बॉर्डर गार्ड (BGB) के जवान दिन-रात जुटे हुए हैं। फिलहाल 1,131 सरकारी बाढ़ आश्रय स्थलों में 44,457 लोग शरण लिए हुए हैं।
भारी नुकसान और आगे का खतरा
बाढ़ के कारण बुनियादी ढांचे को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 80,000 घर, 344 शिक्षण संस्थान, 3,840 किलोमीटर सड़कें और 339 पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हुए हैं। फ्लड फोरकास्ट एंड वार्निंग सेंटर (FFWC) ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए सिलेट, रंगपुर और मैमनसिंह डिवीजनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। प्रधानमंत्री तारीक रहमान ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने और प्रभावितों को तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी बांग्लादेश के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
