बांग्लादेश के चित्तगोंग इलाके में भारी बारिश और पहाड़ों से आने वाले पानी की वजह से भीषण बाढ़ आ गई है। इस आपदा में करीब 4 लाख लोग फंस गए हैं, जिन्हें बचाने के लिए सरकार ने सेना को तैनात किया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान खुद इस पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
सेना ने संभाला मोर्चा
Inter Services Public Relations (ISPR) ने शुक्रवार को बताया कि चित्तगोंग जिले में सेना को ‘इन एड टू सिविल पावर’ स्कीम के तहत लगाया गया है। सेना की 10वीं और 24वीं इन्फेंट्री डिवीजन के जवानों को लोहागरा, सतकनिया, चंदनाइश, बाशखली, बोआलखली, हातजारी और फातिकछरी जैसे सात उपजिलों में भेजा गया है। सेना का मुख्य काम फंसे हुए 4 लाख लोगों को बचाना, राहत सामग्री बांटना और लैंडस्लाइड की वजह से बंद हुई सड़कों को खोलना है। इसके लिए 24वीं इन्फेंट्री डिवीजन ने प्रभावित इलाकों में तीन कैंप बनाए हैं।
सरकार का राहत पैकेज और बचाव कार्य
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस संकट से निपटने के लिए 10 सूत्रीय विशेष पैकेज लागू किया है। प्रशासन ने लैंडस्लाइड के खतरे वाले इलाकों से 221 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। फिलहाल 1,057 शेल्टर होम में 12,000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। बांदरबन से 140 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि साजेक में फंसे 600 लोगों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
आर्थिक मदद और अन्य इंतजाम
सरकार की तरफ से लोगों को पका हुआ खाना, सूखा राशन और जरूरी सामान बांटा जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने 2.15 करोड़ टका नकद और 3,450 टन चावल की मदद दी है। भविष्य के लिए चित्तगोंग-दोहाजारी रेलवे लाइन को ऊंचा करने और प्रभावित लोगों के लिए पक्के घर बनाने की योजना तैयार की गई है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में Higher Secondary Certificate (HSC) और अन्य समकक्ष परीक्षाएं टाल दी गई हैं।
