Bangladesh News: बांग्लादेश में हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास को बड़ी राहत, उच्च न्यायालय ने चार में से दो मामलों में दी जमानत.

बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश के जाने-माने युवा हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को उच्च न्यायालय की तरफ से बड़ी राहत दी गई है। अदालत ने उन्हें कुल चार मामलों में से दो मामलों में जमानत प्रदान कर दी है जिसके बाद उनके समर्थकों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। आपको बता दें कि यह हिन्दू संत पिछले लगभग 20 महीने से सलाखों के पीछे अपनी जिंदगी काट रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी को लेकर भारत समेत दुनिया के कई देशों ने कड़ा विरोध भी जताया था। इस पूरे मामले पर कानूनी प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है और उनके वकीलों की टीम लगातार उनकी रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सभी मामलों से बरी कराया जा सके।
वकील ने दी जमानत की आधिकारिक पुष्टि
हिन्दू संत चिन्मय के मुख्य वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि उनके मुवक्किल को अदालत से कुछ मामलों में राहत मिली है। वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य के अनुसार संत चिन्मय के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज किए गए थे जिनमें से अब तक उन्हें चार अलग-अलग मामलों में कानूनी रूप से जमानत मिल चुकी है। ढाका ट्रिब्यून अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक उच्च न्यायालय के सम्मानित न्यायमूर्ति केएम जाहिद सरवर और न्यायमूर्ति शेख अबू ताहिर की खंडपीठ ने रविवार देर शाम को यह महत्वपूर्ण जमानत आदेश पारित किया है। हालांकि वकीलों का यह भी कहना है कि अभी तुरंत उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं हो पाएगी क्योंकि उनके ऊपर दर्ज अन्य मामलों में अभी भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है और अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
किन मामलों में अभी भी फंसा है कानूनी पेच
वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनके मुवक्किल संत चिन्मय के ऊपर कुल छह केस दर्ज हैं जिनमें से चटगांव शहर में एक वकील सैफुल इस्लाम की मौत से जुड़े हत्या के एक संवेदनशील मामले की सुनवाई अभी भी निचली अदालतों में चल रही है। इसके अलावा देश के राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान को लेकर उनके ऊपर एक गंभीर राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया गया था जिसकी जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश अभी भी पूरी तरह से लागू है। जिन दो बाकी मामलों में जमानत मिलने का इंतजार किया जा रहा है उनकी अगली अदालती याचिकाओं पर सुनवाई आगामी 16 अगस्त को तय की गई है जिसके बाद ही स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी कि उन्हें आगे क्या राहत मिलती है।
गिरफ्तारी की पूरी पृष्ठभूमि और अब तक का सफर
आपको याद दिला दें कि हिन्दू संत चिन्मय ब्रह्मचारी को पिछले साल यानी 25 नवंबर 2024 को ढाका से ही गिरफ्तार किया गया था। उनके ऊपर मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान और देशद्रोह से जुड़े मामलों का आरोप लगाया गया था जिसके बाद से लगातार वह जेल के अंदर ही बंद हैं। इतने लंबे समय तक जेल में बंद रहने के कारण इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं और भारत सरकार के साथ-साथ कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। अब देखना यह होगा कि आगामी 16 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत बाकी बचे मामलों में क्या फैसला सुनाती है और क्या संत चिन्मय को कानूनी रूप से पूरी तरह राहत मिल पाती है या नहीं।