बांग्लादेश में हिंदू छात्रों ने भगवान राम के अपमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली घटनाओं के विरोध में शुक्रवार, 19 जून को ढाका के शाहबाग चौराहे पर एक बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि एक हिंसक भीड़ ने भगवान राम की मूर्ति पर जूता रखकर उसका अपमान किया, जो हिंदू धर्म के लिए बेहद दुखद है।

विवाद की शुरुआत और घटनाओं का क्रम

यह पूरा मामला गाइबंडा जिले के पलशबारी उपजिला के कोमोरपुर गाँव से जुड़ा है। यहाँ 81 फीट ऊँची भगवान राम की प्रतिमा बनाई जा रही थी, लेकिन कट्टरपंथी इस्लामी समूहों की धमकियों और विरोध के कारण इसका निर्माण रोक दिया गया। इस घटना के बाद से हिंदू समुदाय में भारी गुस्सा है।

विरोध प्रदर्शनों की समयरेखा इस प्रकार रही है:

  • 13 जून 2026: चटोग्राम में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय ने विरोध मार्च निकाला।
  • 14 जून 2026: ढाका यूनिवर्सिटी के राजू मेमोरियल स्कल्पचर के सामने बांग्लादेश छात्र एकता परिषद ने टॉर्च मार्च निकाला।
  • 15 जून 2026: ढाका यूनिवर्सिटी के सनातन धर्म समुदाय के छात्रों ने रैली निकाली।
  • 18 जून 2026: छात्रों ने फिर से टॉर्चलाइट जुलूस निकाला और सरकार को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया।

प्रमुख संगठनों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

मंदिर समिति के सलाहकार श्यामल लाल कुमार महंता ने बताया कि कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए मूर्ति निर्माण का काम फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के हर नागरिक को अपना धर्म मानने का अधिकार है।

जगननाथ हॉल छात्र संघ के सामाजिक सेवा सचिव राम प्रसाद सहा तापु ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक कट्टरपंथी समूह ने भगवान राम की तस्वीर पर जूता मारकर सनातन समुदाय की भावनाओं को गहरी चोट पहुँचाई है। वहीं, बांग्लादेश छात्र एकता परिषद के संयोजक नॉवेल्टी रॉय उदय ने चिंता जताई कि अगर ऐसी घटनाएँ जारी रहीं, तो बांग्लादेश में हिंदू समुदाय का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

माइनॉरिटी राइट्स मूवमेंट की प्रवक्ता सुष्मिता कर ने बताया कि गाइबंडा में मूर्ति निर्माण के दौरान हिंसक भीड़ ने नफरत भरे भाषण दिए और धर्म का अपमान किया। गाइबंडा पलशबारी कोमोरपुर श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने कहा कि कट्टरपंथियों की धमकियों के कारण पूरा समुदाय डर के साये में जी रहा है।

बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने सरकार से मांग की है कि सांप्रदायिक धमकियों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हॉल पार्लियामेंट के महासचिव सुदीप्ता प्रमाणिक ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो विरोध प्रदर्शन और भी बड़ा होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.