बांग्लादेश में इस वक्त खसरे की बीमारी ने भारी तबाही मचाई हुई है। मार्च 2026 से शुरू हुए इस प्रकोप में अब तक 344 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं और इसे एक गंभीर संकट मान रही हैं।

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मौतों का आंकड़ा और ताजा हालात क्या हैं?

स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि 11 मई 2026 तक कुल 344 बच्चों की जान जा चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संख्या 10 मई तक 409 बच्चों तक पहुँच गई थी। केवल 11 मई से पहले के 24 घंटों में 11 बच्चों की मौत हुई और 282 नए केस दर्ज किए गए। इसी दौरान करीब 1278 बच्चों को खसरे के शक में अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 65 बच्चों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि बाकी बच्चों में बीमारी के लक्षण पाए गए थे।

बीमारी फैलने की वजह और सरकार के कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को समय पर वैक्सीन न मिलना इस बीमारी के फैलने की मुख्य वजह है। 2024 और 2025 के बीच सरकार का ध्यान कोविड-19 टीकाकरण पर ज्यादा था और खसरे की वैक्सीन की कमी भी रही। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने 7 अप्रैल 2026 को इमरजेंसी वैक्सीनेशन कैंपेन शुरू किया। सरकार का लक्ष्य 99.25% बच्चों को कवर करने का है, लेकिन अब तक केवल 60.57% बच्चों को ही टीका लग पाया है। फिलहाल ढाका का इलाका इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

कौन सी संस्थाएं कर रही हैं मदद?

बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले Directorate General of Health Services (DGHS) के साथ UNICEF, World Health Organization (WHO), Gavi और Save the Children जैसी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। WHO ने इस खतरे को नेशनल लेवल पर बहुत ज्यादा बताया है क्योंकि कई इलाकों में बच्चों की इम्युनिटी कम है और बीमारी तेजी से फैल रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बांग्लादेश में खसरे का खतरा इतना ज्यादा क्यों है?

WHO के मुताबिक वैक्सीन की कमी और इम्युनिटी गैप की वजह से खतरा ज्यादा है। टीकाकरण का लक्ष्य 99.25% था लेकिन अभी यह सिर्फ 60.57% तक ही पहुँचा है।

इस बीमारी से सबसे ज्यादा कौन सा इलाका प्रभावित है?

रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश का ढाका क्षेत्र खसरे के सबसे ज्यादा संदिग्ध मामलों और संक्रमण के कारण सबसे अधिक प्रभावित है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.