बांग्लादेश में इस समय खसरे (Measles) का भयंकर प्रकोप फैला हुआ है, जिसने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बीमारी की वजह से देश में अब तक 500 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट ने देश के टीकाकरण अभियानों में मौजूद बड़ी कमियों को उजागर कर दिया है। सरकार इस बीमारी को रोकने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

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बांग्लादेश में खसरे से मौतों और मामलों के ताजा आंकड़े क्या हैं?

बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, 26 मई 2026 तक खसरे की वजह से कुल 555 बच्चों की मौत की खबर है। इनमें से 467 संदिग्ध और 88 पुष्ट मौतें शामिल हैं। इसके साथ ही देश में खसरे के कुल 66,023 संदिग्ध मामले और 8,772 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल 25 मई 2026 को ही देश भर में खसरे और इसके लक्षणों वाले 1,434 नए मरीज दर्ज किए गए।

सरकार ने इस महामारी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

इस संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • टीकाकरण अभियान: सरकार ने देश भर में खसरा-रुबेला (MR) टीकाकरण अभियान चलाया है। इसके तहत 6 से 59 महीने के बच्चों को निशाना बनाया गया है। अब तक सरकार 18.44 मिलियन से अधिक बच्चों को टीका लगा चुकी है।
  • अभियान की अवधि बढ़ाना: टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभियान की अवधि को पहले 20 मई 2026 तक बढ़ाया गया था। अब सरकार इस अभियान को एक और महीने बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि दुर्गम इलाकों तक पहुंचा जा सके।
  • अस्पतालों में विशेष व्यवस्था: सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे खसरे के मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन यूनिट तैयार करें। बच्चों को विटामिन ए की खुराक भी दी जा रही है।
  • छुट्टियां रद्द: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

विशेषज्ञों ने इस भयानक प्रकोप का क्या कारण बताया है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का कहना है कि यह संकट अचानक नहीं आया है। यूनिसेफ (UNICEF) की प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने बताया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में सरकार को टीकाकरण में देरी के चलते संभावित संकट के बारे में कई बार चेतावनी दी थी। वहीं, अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल वैक्सीन की सप्लाई चेन में किए गए बदलावों की वजह से देरी हुई। इसके अलावा, कुपोषण, बच्चों को समय पर मां का दूध न मिलना और विदेशी सहायता में कटौती भी इस संकट के बड़े कारण हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?

26 मई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में खसरे से कुल 555 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें संदिग्ध और पुष्ट दोनों मामले शामिल हैं।

सरकार खसरे से पीड़ित बच्चों के लिए क्या विशेष कदम उठा रही है?

सरकार ने सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं, प्रभावित बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जा रही है और देश भर के डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

खसरे के टीके के लिए सरकार का वर्तमान अभियान क्या है?

सरकार खसरा-रुबेला (MR) टीकाकरण अभियान चला रही है, जिसके तहत 6 से 59 महीने के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। अब तक 18.44 मिलियन से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com