बांग्लादेश में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। यहाँ की संसद ने उन कई सुधारों को रद्द या वापस ले लिया है जो 2024 के छात्र आंदोलन के बाद लाए गए थे। इन नियमों का मकसद सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ाना था, लेकिन अब इन्हें खत्म करने से विपक्ष और आम जनता में चिंता बढ़ गई है।

कौन से नियम बदले गए और क्यों मची है खलबली?

Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 23 सुधारों को या तो खत्म कर दिया गया है या उन्हें समय पर पास न होने दिया गया है। इनमें मानवाधिकार, भ्रष्टाचार रोकने के नियम और पुलिसिंग से जुड़े अहम बदलाव शामिल थे। यह सब तब हुआ जब फरवरी 2026 के चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (BNP) को बड़ी जीत मिली। अब विपक्षी दल और छात्र समूह आरोप लगा रहे हैं कि सरकार अपनी ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी नियमों को हटा रही है।

प्रधानमंत्री Tarique Rahman और नई सरकार का क्या है रुख?

वर्तमान सरकार का नेतृत्व PM Tarique Rahman कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि वे सिर्फ कानूनों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि प्रशासन बेहतर ढंग से काम कर सके और उनके चुनावी वादों को पूरा किया जा सके। हालाँकि, विवाद इस बात पर है कि प्रधानमंत्री अब भी BNP के चेयरमैन बने हुए हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की शक्तियों को कम करने वाले नियमों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है ताकि कार्यकारी अधिकार कमजोर न हों।

2024 के आंदोलन और फरवरी 2026 के चुनाव का क्या कनेक्शन है?

अगस्त 2024 में छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाना पड़ा था। उसके बाद Muhammad Yunus की अगुवाई में अंतरिम सरकार बनी जिसने कई सुधार शुरू किए थे। फरवरी 2026 में हुए चुनावों के बाद BNP सत्ता में आई और अब वे पिछली सरकार द्वारा जारी 133 आदेशों की समीक्षा कर रहे हैं। 12 फरवरी को हुए एक जनमत संग्रह में 61% लोगों ने सुधारों का समर्थन किया था, लेकिन अब कई अहम नियम वापस लिए जा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.