ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान, नई दिल्ली में पीएम मोदी के साथ होगी खास बैठक

नई दिल्ली में अगले महीने आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित ब्रिक्स सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जिससे क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
दस अगस्त को होगी उच्चायुक्त के साथ अहम बैठक
इस सिलसिले में आगामी 10 अगस्त को ढाका में नियुक्त भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग से जुड़े एक विश्वस्त सूत्र ने बताया कि इस बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद आधिकारिक रूप से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने की घोषणा की जाएगी। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच आपसी संबंधों को नई दिशा देने पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
पीएम मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय चर्चा
इस यात्रा के दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच होने वाली संभावित बैठक का समय भी इस हफ्ते निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी। भारत के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान बांग्लादेश की ओर से किन-किन प्रमुख मुद्दों को उठाया जाएगा, इस पर 8 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित होने वाली एक उच्च स्तरीय बैठक में मुहर लगाई जाएगी।
बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में मिला आमंत्रण
बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि आगामी 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के कई बड़े नेता हिस्सा लेंगे।
चूंकि बांग्लादेश ब्रिक्स का सदस्य बनने में गहरी रुचि रखता है, ऐसे में सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की यह सक्रिय भागीदारी दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर सकती है। इस बैठक से दोनों देशों के आम नागरिकों और व्यापारियों को भी भविष्य में कई बड़े आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।