Bangladesh Election: बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए बड़ा उलटफेर, 35 साल बाद पहली बार होगा मुकाबला और कई दलों ने उतारा अपना उम्मीदवार।

बांग्लादेश की राजनीति में इन दिनों हलचल काफी तेज हो चुकी है और आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। देश के विपक्षी दलों के गठबंधन ने एक कड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। राजनीतिक दलों के इस बड़े फैसले से देश की सियासत में गर्माहट आ गई है और लोगों की नजरें अब सीधे तौर पर इस चुनाव प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
विपक्षी दलों का बड़ा कदम और नामांकन प्रक्रिया
बांग्लादेश में विपक्षी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 पार्टियों के गठबंधन ने आगामी 20 अगस्त को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिटायर्ड कर्नल ओली अहमद को अपना उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार ओली अहमद ने जमात नेता एएचएम हामिदुर रहमान के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ मिलकर निर्वाचन भवन का दौरा किया। वहां पहुंचकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन को अपना आधिकारिक नामांकन पत्र सौंपा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गठबंधन के कई बड़े नेता और प्रतिनिधि उनके साथ मौजूद रहे।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट और राजनीतिक समर्थन
प्रमुख मीडिया संस्थान ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, नामांकन पत्र में जमात अमीर डॉ. शफीकुर रहमान (सांसद) ने कर्नल ओली अहमद का नाम राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तावित किया। इसके साथ ही, एनसीपी सांसद अब्लाउ अल अमीन ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। आपको बता दें कि ओली अहमद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानी LDP के चेयरमैन हैं। राष्ट्रपति पद के लिए मतदान ठीक 20 अगस्त को आयोजित किया जाना है। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस राष्ट्रपति चुनाव के लिए विशेष रूप से रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
चुनाव से जुड़े अहम नियम और तारीखें
मुख्य चुनाव आयुक्त ने राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1991 के तहत वोटिंग प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 20 अगस्त को जातीय संसद भवन के सेशन चैंबर में सभी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस चुनाव से जुड़ी अन्य जरूरी तारीखों की बात करें तो, नामांकन पत्रों की जांच का काम 16 अगस्त को किया जाएगा। इसके अलावा, उम्मीदवार 18 अगस्त तक अपने नामांकन पत्र वापस ले सकेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान 20 अगस्त को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जातीय संसद के सेशन चैंबर में संपन्न होगा।
सांसदों की संख्या और खाली सीट
इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में कुल 349 सांसद मतदाता के रूप में हिस्सा लेंगे और अपने मत का प्रयोग करेंगे। वर्तमान समय में एक संसदीय सीट यानी चट्टोग्राम-4 निर्वाचन क्षेत्र खाली चल रही है। यह पिछले 35 सालों में ऐसा पहला मौका होगा जब राष्ट्रपति चुनाव में एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में आमने-सामने होंगे। इतना ही नहीं, वर्ष 1991 के बाद यह पहली बार होगा जब राष्ट्रपति पद के लिए असल मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, क्योंकि इससे पहले के चुनावों में अक्सर निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बनती रही है।
सत्तारूढ़ और पिछली राजनीतिक हलचल
ग्रामीण विकास मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का नाम पहले ही मीडिया में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP के संभावित राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में सामने आ चुका था। देश में राजनीतिक बदलाव तब तेजी से आए जब बीते 24 जुलाई को मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था। देश के संविधान के अनुच्छेद 123(2) के अनुसार, किसी भी कारण से राष्ट्रपति का पद खाली होने की स्थिति में 90 दिनों के भीतर उस पद को भरने के लिए चुनाव कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है, जिसके तहत यह पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा के अंदर की जा रही है।