बांग्लादेश की राजधानी Dhaka में 18 जुलाई 2026 को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग Haridas Chandra Tarani Das की रिहाई की मांग को लेकर National Press Club के सामने इकट्ठा हुए। हरिदास दास पर आरोप है कि उन्होंने 81 फुट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसके बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
बांग्लादेश पुलिस की Criminal Investigation Department (CID) ने हरिदास दास को 12 जुलाई 2026 के आसपास गिरफ्तार किया था। उन पर Prevention of Money Laundering Act, 2012 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके खातों में Tk 9.35 crore (लगभग Rs 6.8 crore) का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। हालांकि, कोर्ट में पेशी के दौरान हरिदास दास ने साफ कहा कि यह पैसा मंदिर के कार्यों और प्रतिमा निर्माण के लिए लोगों से मिला दान है। 13 जुलाई को उन्हें 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
अल्पसंख्यक समुदाय की चिंता
Bangladesh Hindu-Buddhist-Christian Unity Council के महासचिव Manindra Kumar Nath ने इस गिरफ्तारी को धार्मिक आधार पर भेदभाव बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा निर्माण से जुड़े होने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक साल में गैर-मुस्लिम समुदायों के खिलाफ 3,000 से ज्यादा घटनाएं हुई हैं, जिनमें 66 हत्याएं भी शामिल हैं। पड़ोसी देश भारत भी इन घटनाओं पर नजर रखे हुए है और बांग्लादेशी अधिकारियों से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील कर रहा है।
