अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष का असर अब दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। बांग्लादेश इस जंग के आर्थिक नुकसान से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके बाद उसने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक नए राहत पैकेज के लिए गुहार लगाई है। देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा संकट के कारण सरकार के लिए मौजूदा आर्थिक हालात को संभालना काफी मुश्किल हो रहा है और पुराना सहायता कार्यक्रम अब नाकाफी साबित हो रहा है।

बांग्लादेश ने IMF से आखिर क्यों मांगी नई मदद?

बांग्लादेश के वित्त मंत्री अमीर खस्रू महमूद चौधरी ने बताया कि देश का पुराना IMF कार्यक्रम अलग आर्थिक माहौल में तैयार किया गया था। लेकिन ईरान युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण अब पुरानी नीतियों को पूरी तरह लागू करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा देश में महंगाई बहुत बढ़ गई है। IMF के मिशन चीफ इवो क्र्जनार ने भी पुष्टि की है कि बांग्लादेश ने नए आर्थिक सुधारों के लिए मदद की अपील की है और इस संबंध में बातचीत चल रही है। बांग्लादेश की मदद के लिए पिछले हफ्ते विश्व बैंक ने भी 350 मिलियन डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी थी।

ईरान युद्ध का बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। बांग्लादेश अपनी ऊर्जा और तेल जरूरतों का लगभग 70 से 90 प्रतिशत आयात इसी रास्ते से करता है। युद्ध की वजह से ईंधन के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और बांग्लादेश में तेल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। बांग्लादेश बैंक के गवर्नर एमडी मुस्तफा रहमान ने भी बढ़ती महंगाई के बीच कीमतों को स्थिर रखने के लिए कड़ी मौद्रिक नीति लागू करने पर जोर दिया है।

बांग्लादेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और कर्ज के आंकड़े

बांग्लादेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और नए लोन से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:

विवरण संबंधित जानकारी
नया लोन अनुरोध (अनुमानित राशि) 4 बिलियन से 4.5 बिलियन डॉलर
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आयात 70% से 90%
विश्व बैंक से हाल ही में मिली सहायता 350 मिलियन डॉलर
मौजूदा IMF कार्यक्रम की शुरुआत साल 2023
ईरान युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026

Frequently Asked Questions (FAQs)

बांग्लादेश को इस समय कितने नए लोन की जरूरत है?

बांग्लादेश IMF से करीब 4 बिलियन से 4.5 बिलियन डॉलर का नया लोन प्रोग्राम लेने की कोशिश कर रहा है ताकि देश की डगमगाती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके।

ईरान युद्ध की वजह से बांग्लादेश में ईंधन का संकट क्यों खड़ा हुआ?

बांग्लादेश अपने ईंधन का करीब 70 से 90 प्रतिशत आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते करता है। युद्ध के कारण इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है जिससे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com