Bangladesh Energy Crisis: बांग्लादेश ने मांगी 2 अरब डॉलर की मदद, बिजली और ईंधन की किल्लत दूर करने के लिए PM ने की अपील
बांग्लादेश इस समय बड़े ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश की आर्थिक स्थिति को बचाने और बिजली-ईंधन की किल्लत को दूर करने के लिए वहां के प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद मांगी है। उन्होंने विकास साझेदारों से 2 अरब अमेरिकी डॉलर के फंड की मांग की है ताकि देश की तत्काल जरूरतों को पूरा किया जा सके और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सके।
बांग्लादेश ने मदद के लिए कहां की अपील की?
प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने यह मांग Asia Zero Emission Community (AZEC) Plus Online Summit के दौरान रखी। इस समिट की मेजबानी जापान की प्रधानमंत्री Takaichi Sanae ने की थी। बांग्लादेश के पीएम ने कहा कि दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट की वजह से सभी देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं और कोई भी देश इस चुनौती का सामना अकेले नहीं कर सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने को कहा है।
संकट से निपटने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
ऊर्जा संकट की वजह से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए हैं:
- सरकारी दफ्तरों और बाजारों के कामकाज के समय में कटौती की गई है।
- ईंधन की कमी को पूरा करने के लिए इमरजेंसी आयात और नए स्रोतों की तलाश की जा रही है।
- ईंधन की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए ‘Fuel App’ जैसे डिजिटल माध्यम का सहारा लिया गया है।
- रिटेल बिक्री पर सीमा तय की गई है ताकि आम जनता को पर्याप्त ईंधन मिल सके।
अन्य संस्थाओं से कितनी मदद की उम्मीद है?
बांग्लादेश केवल इस समिट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अन्य बड़े संस्थानों से भी संपर्क में है। जून तक ईंधन आयात के लिए IMF और ADB जैसे कर्जदाताओं से करीब 2 अरब डॉलर के लोन की बात चल रही है। इसके अलावा, ADB ने चिटगांग हिल ट्रैक्ट्स प्रोजेक्ट के लिए 2.5 अरब डॉलर और जर्मनी ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के लिए 81 मिलियन डॉलर की मदद का वादा किया है।