भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा विदेशी नागरिकों को वापस भेजने के बयान के बाद बांग्लादेश ने भारत के एक्टिंग हाई कमिश्नर को तलब किया है। इस पूरे मामले पर अब पूर्व राजनयिक Veena Sikri ने भी अपनी राय रखी है, उन्होंने बांग्लादेश के इस कदम को बेवजह बताया है।

बांग्लादेश ने भारतीय राजदूत को क्यों बुलाया?

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने 26 अप्रैल 2026 को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने 20 विदेशी नागरिकों को बांग्लादेश वापस भेजने की बात कही थी। इस बयान के बाद बांग्लादेश की सरकार नाराज हो गई और उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को भारत के एक्टिंग हाई कमिश्नर Pawan Badhe को बुलाया। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस बयान पर अपनी गहरी नाराजगी जताई और इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक बताया। बांग्लादेश का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान रिश्तों को खराब करते हैं और यह पूरी तरह से गलत है।

असम सरकार का रुख और नियम क्या है?

मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने साफ किया है कि उनकी सरकार असम को घुसपैठ मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कथित अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के लिए ‘पुशबैक’ का तरीका अपनाया जा रहा है, जिसमें कई बार औपचारिक निर्वासन प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता। साथ ही, उन्होंने 1950 के ‘इमिग्रेंट्स एक्सपल्शन फ्रॉम असम एक्ट’ (Immigrants Expulsion from Assam Act) को फिर से लागू करने का जिक्र भी किया है।

पूर्व राजनयिक Veena Sikri ने इस पर क्या कहा?

पूर्व भारतीय राजनयिक Veena Sikri ने बांग्लादेश के इस फैसले को पूरी तरह से अनावश्यक बताया है। उनका कहना है कि अवैध घुसपैठ एक वास्तविक समस्या है, जिसे दोनों देशों को स्वीकार करना चाहिए। Sikri के मुताबिक, इस मुद्दे को आपसी बातचीत और एक सही ढांचे (structured dialogue) के जरिए सुलझाना चाहिए। उन्होंने साल 1992 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia की भारत यात्रा का उदाहरण दिया, जब दोनों देशों ने मिलकर इस समस्या को बातचीत से सुलझाने पर सहमति जताई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बांग्लादेश ने भारत के राजदूत को क्यों बुलाया?

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजने (pushback) की बात कहने पर बांग्लादेश ने कड़ी आपत्ति जताई और भारतीय राजदूत को तलब किया।

पूर्व राजनयिक Veena Sikri ने इस विवाद पर क्या सुझाव दिया?

Veena Sikri ने कहा कि राजदूत को बुलाना जरूरी नहीं था। उन्होंने सुझाव दिया कि अवैध घुसपैठ की समस्या को 1992 के समझौते की तरह आपसी और औपचारिक बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए।