लेबनॉन में इसराइल के हमलों ने वहां काम करने वाले बांग्लादेशी मजदूरों की ज़िंदगी मुश्किल कर दी है। करीब 5,000 मज़दूरों ने अपनी नौकरी खो दी है और उनके पास अब रहने के लिए घर नहीं बचा है। इस हिंसा में दो बांग्लादेशी नागरिकों की जान भी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।

लेबनॉन में क्या हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए?

लेबनॉन के दक्षिणी हिस्से में इसराइल द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के कारण वहां भारी तबाही हुई है। 11 मई 2026 को नाबातियेह के Zebdine इलाके में हुए एक हमले में दो बांग्लादेशी नागरिक, शफीकुल इस्लाम और मोहम्मद नाहिदुल इस्लाम की मौत हो गई। इसी तरह एक अन्य हमले में दो और लोग लापता बताए जा रहे हैं।

  • लगभग 5,000 बांग्लादेशी मजदूर बेरोजगार और बेघर हो गए हैं।
  • कई मजदूर दक्षिणी लेबनॉन में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
  • RMMRU नाम के एक अधिकार समूह ने चेतावनी दी है कि वहां के प्रवासी एक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।

बांग्लादेश सरकार और दूतावास क्या कदम उठा रहे हैं?

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसराइल के ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे एक जघन्य कृत्य बताया है। सरकार ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है।

Beirut में स्थित बांग्लादेश दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। दूतावास का मुख्य काम मृतकों के शवों को वापस उनके देश भेजना और उनके परिवारों के साथ संपर्क बनाए रखना है। साथ ही, सरकार अब नए लेबर मार्केट तलाश रही है ताकि प्रभावित मजदूरों को दूसरी जगह काम मिल सके।

क्या खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ा है?

मिडल ईस्ट में चल रहे इस तनाव का असर सिर्फ लेबनॉन तक सीमित नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ ढाका के प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद राशेड आलम भुइयान ने बताया कि संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में अब तक कम से कम 11 बांग्लादेशी नागरिकों की जान जा चुकी है।

RMMRU के कार्यकारी निदेशक तस्नीम सिद्दीकी के अनुसार, युद्ध की वजह से मार्च महीने में खाड़ी देशों में जाने वाले मजदूरों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 50% की गिरावट आई है। मजदूरों को वेतन में कटौती और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उन सभी प्रवासियों के लिए चिंताजनक है जो युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनॉन में कितने बांग्लादेशी मजदूर प्रभावित हुए हैं?

रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 5,000 बांग्लादेशी मजदूर इसराइल के हमलों की वजह से बेघर और बेरोजगार हो गए हैं।

हमलों में किन लोगों की मौत हुई है?

11 मई 2026 को नाबातियेह में हुए ड्रोन हमले में सतखिरा जिले के शफीकुल इस्लाम और मोहम्मद नाहिदुल इस्लाम की मौत हो गई।

क्या मजदूरों की वापसी के लिए कोई इंतजाम किया गया है?

बांग्लादेश दूतावास मृतकों के शवों को वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है और सरकार प्रभावित नागरिकों के लिए नए रोजगार के अवसर तलाश रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.