UAE के Barakah Nuclear Plant पर हुए ड्रोन हमले को लेकर अब दुनिया भर के देशों ने अपनी आवाज़ उठाई है। 15 जून 2026 को एक बड़ा संयुक्त बयान जारी किया गया है, जिसमें इस हमले की कड़ी निंदा की गई है। इस बयान में दुनिया के कई ताकतवर देशों ने UAE के साथ खड़े होने का फैसला किया है।
क्या था पूरा मामला
यह पूरा मामला 17 मई 2026 का है, जब इराक के सशस्त्र गुटों ने Barakah Nuclear Energy Plant के बाहरी हिस्से में मौजूद बिजली के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन से हमला किया था। इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का बड़ा उल्लंघन माना गया है। देशों का कहना है कि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा पैदा होता है।
आम लोगों और पर्यावरण को था खतरा
संयुक्त बयान में बताया गया कि इस हमले से आम लोगों की जान को खतरा हो सकता था। साथ ही, इससे पर्यावरण और सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ने का डर था, क्योंकि यह एक परमाणु संयंत्र के पास हुआ हमला था। दुनिया भर के देशों ने मांग की है कि UAE के खिलाफ और खासकर परमाणु केंद्रों पर होने वाले सभी हमले तुरंत और हमेशा के लिए बंद किए जाएं।
UAE की सतर्कता की तारीफ
बयान में UAE सरकार की तारीफ की गई है क्योंकि उन्होंने हमले के बाद International Atomic Energy Agency (IAEA) को तुरंत और साफ-साफ जानकारी दी। UAE ने बताया कि हमले के बाद स्थिति को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाए गए और प्लांट के आसपास रेडिएशन का लेवल सामान्य रहा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दुनिया भर के देशों ने यह बात दोहराई कि Barakah Nuclear Energy Plant को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनाया और चलाया गया है। इसकी देखरेख UAE के Federal Authority for Nuclear Regulation (FANR) और IAEA द्वारा की जा रही है। अब मांग की जा रही है कि परमाणु बिजली घरों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।