Baramulla के सांसद Abdul Rashid Sheikh, जिन्हें Engineer Rashid भी कहा जाता है, ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की थी. उनके पिता Khazir Mohammad Sheikh इस समय श्रीनगर के अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत काफी नाजुक है. दिल्ली की Patiala House Court ने इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली है और अब अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

क्यों मांगी गई अंतरिम जमानत और क्या है पूरा मामला?

Abdul Rashid Sheikh फिलहाल दिल्ली की Tihar Jail में बंद हैं. उन पर 2017 के एक टेरर फंडिंग केस में NIA ने मामला दर्ज किया था. उनके वकील Vikhyat Oberoi और Nishita Gupta ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की तबीयत बहुत खराब है और वे ICU में भर्ती हैं. इस वजह से उन्होंने अपने पिता के पास जाने के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी.

कोर्ट की सुनवाई और NIA का क्या पक्ष रहा?

सुनवाई के दौरान NIA के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Gautam Khazanchi ने जमानत याचिका का विरोध किया. हालांकि, उन्होंने यह सुझाव दिया कि Rashid को उनके पिता से मिलने के लिए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है. कोर्ट ने NIA को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था और 22 अप्रैल को सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित कर लिया.

मानवीय आधार पर रिहाई के लिए किसने की अपील?

Engineer Rashid की रिहाई के लिए कई बड़े नेताओं ने मानवीय आधार पर अपील की है. National Conference के अध्यक्ष Dr. Farooq Abdullah, श्रीनगर के सांसद Ruhullah Mehdi और मिर्वाइज़ उमर फारूक ने कहा कि उन्हें अपने पिता के पास जाने दिया जाए. जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री Sakeena Itoo ने भी अस्पताल जाकर मरीज का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.