मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच इराक की सरकारी बसरा ऑयल कंपनी ने अपने तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक दिया है। यह फैसला होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से लिया गया है। 5 अप्रैल 2026 को आई इस खबर ने दुनिया भर के तेल बाज़ार को चिंता में डाल दिया है क्योंकि इस रास्ते से वैश्विक तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इराक ने सुरक्षा कारणों और जहाजों की भारी कमी की वजह से यह कदम उठाया है।

इराक के तेल उत्पादन और निर्यात पर क्या असर हुआ?

बसरा ऑयल कंपनी ने आधिकारिक जानकारी दी है कि होरमुज़ के रास्ते में आई रुकावटों की वजह से अब तेल बाहर भेजना संभव नहीं है। इराक के तेल मंत्री हयान अब्देल-गनी ने बताया कि देश का कच्चा तेल उत्पादन 33 लाख बैरल प्रति दिन से गिरकर अब सिर्फ 9 लाख बैरल रह गया है। इसके अलावा दक्षिण रुमैला जैसे बड़े तेल क्षेत्रों में पंपिंग और उत्पादन का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इराक ने सभी विदेशी तेल कंपनियों को सूचित किया है कि वे मौजूदा हालात की वजह से अपनी तेल सप्लाई की गारंटी नहीं दे सकते हैं।

विभिन्न देशों के लिए क्या है ताज़ा स्थिति?

ईरान और ओमान के बीच रास्ते को मानवीय मदद के लिए खोलने पर बातचीत चल रही है। हालांकि ईरान ने दावा किया है कि उसने रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है और कुछ खास देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दी जा रही है। भारत ने भी इस मुश्किल घड़ी में ईरान से तेल खरीदना फिर से शुरू कर दिया है। चीन ने भी साफ किया है कि इस महत्वपूर्ण रास्ते को सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द से जल्द संघर्ष विराम होना ज़रूरी है।

प्रमुख देश वर्तमान स्थिति (5 अप्रैल 2026)
भारत ईरान से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू की
चीन सीजफायर के बाद रास्ता खोलने की मांग की
जापान और फ्रांस इनके जहाजों को रास्ते से गुजरने की अनुमति मिली
अमेरिका डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को गंभीर चेतावनी दी

क्या है समुद्री रास्ते का कानूनी पक्ष?

अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किसी भी देश को होरमुज़ जैसे महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने का अधिकार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत यहाँ से जहाजों के निकलने का अधिकार सुरक्षित रहता है, जिसे सस्पेंड नहीं किया जा सकता। हालांकि ईरान ने इन अंतरराष्ट्रीय संधियों के कुछ हिस्सों पर दस्तखत नहीं किए हैं। मौजूदा समय में ईरान केवल उन देशों के जहाजों को रोक रहा है जिन्हें वह अपना दुश्मन मानता है, जबकि भारत और चीन जैसे मित्र देशों को सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.