लेबनान की राजधानी Beirut में ईरानी राजनयिकों की मौत को लेकर स्थिति काफी गंभीर हो गई है। 8 मार्च 2026 को हुए एक हमले में ईरान के 4 राजनयिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि सोशल मीडिया पर इस संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने इस घटना को एक आतंकवादी हमला और युद्ध अपराध बताया है। इस हमले के बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हमले में किन लोगों को निशाना बनाया गया और क्या है ताजा जानकारी?

Beirut में हुए इस हमले को लेकर ईरान और इजरायल के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके राजनयिकों को निशाना बनाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

  • ईरान के अनुसार, Beirut के Ramada Hotel पर हुए हमले में उनके 4 राजनयिक मारे गए।
  • इजरायली सेना ने कहा कि उन्होंने ईरान की Quds Force के मुख्य कमांडरों को निशाना बनाकर हमला किया था।
  • इजरायल का दावा है कि इस ऑपरेशन में 5 लोग मारे गए, जिसमें एक खुफिया अधिकारी और हिजबुल्लाह का सदस्य शामिल था।
  • ईरान ने इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव को औपचारिक पत्र लिखकर शिकायत की है।
  • राजनयिकों की सुरक्षा के लिए बने वियना कन्वेंशन के तहत किसी भी दूतावास या उसके अधिकारियों पर हमला अवैध माना जाता है।

लेबनान और ईरान के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के मुख्य कारण

इस हमले के साथ-साथ लेबनान और ईरान के आपसी रिश्तों में भी दरार देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में कई बड़े राजनयिक बदलाव हुए हैं जो क्षेत्र की राजनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं।

तारीख मुख्य घटना
8 मार्च 2026 Beirut के होटल पर इजरायली हमला, 4 ईरानी राजनयिकों की मौत का दावा।
24 मार्च 2026 लेबनान ने ईरान के राजदूत Mohammad Reza Raouf Sheibani को देश से निकाला।
25 मार्च 2026 लेबनान ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला किया।
27 मार्च 2026 Beirut में फिर से नए हमले हुए, जिसमें 2 लोगों की मौत दर्ज की गई।

इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी सीमा पर मिसाइल हमले नहीं रुके, तो वे अपनी कार्रवाई को और ज्यादा विस्तार देंगे। फिलहाल ईरान के विदेश मंत्री अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस हमले के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।