Beirut में इसराइल के हमले के बाद दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अब सभी पक्षों से शांत रहने और पीछे हटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति लाने के लिए एक बड़ा समझौता होने वाला है और अब और हमले नहीं होने चाहिए।

Beirut में क्या हुआ

14 जून 2026 को इसराइल ने Beirut के दक्षिणी इलाकों में Hezbollah के ठिकानों पर सैन्य हमले किए। यह हमला Hezbollah द्वारा उत्तरी इसराइल में तीन प्रोजेक्टाइल या ड्रोन दागे जाने के जवाब में किया गया। इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हुए।

डोनाल्ड ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले पर दुख जताया और कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ शांति समझौते की बातचीत अपने आखिरी दौर में है। ट्रंप के मुताबिक यह समझौता रविवार, 14 जून 2026 को साइन हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डील साइन होते ही Strait of Hormuz को तुरंत खोल दिया जाएगा।

इसराइल और ईरान की प्रतिक्रिया

  • इसराइल: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने संयुक्त बयान में कहा कि इसराइल अपनी जमीन पर होने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। खबरों के मुताबिक Netanyahu ने ट्रंप की चेतावनी के बावजूद हमले जारी रखे।
  • ईरान: ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने चेतावनी दी कि Beirut में हुए हमले शांति समझौते की बातचीत को खतरे में डाल सकते हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि समझौता आने वाले दिनों में हो सकता है लेकिन यह कल (14 जून) नहीं होगा।

पाकिस्तान की भूमिका

इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 13 जून को बताया था कि अमेरिका और ईरान के बीच डील का ढांचा तैयार हो गया है। उन्होंने कहा था कि इस समझौते पर 14 जून को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर किए जाएंगे।

Sushma Kumari

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